नहीं आएगा Flipkart IPO! कंपनी ने टाली योजना और बदला एजेंडा; जानिए क्यों?
खबर है कि वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के आईपीओ की योजना को स्थगित कर दिया है। अब कंपनी का मुख्य ध्यान वित्त वर्ष 2027 के अंत तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करने ...और पढ़ें

HighLights
फ्लिपकार्ट का बहुप्रतीक्षित आईपीओ वॉलमार्ट ने स्थगित किया।
कंपनी का लक्ष्य FY2027 तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करना।
सूत्रों ने कहा- वॉलमार्ट सीईओ जॉन फर्नेर ने यह निर्णय लिया।
नई दिल्ली। देश की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी, फ्लिपकार्ट के आईपीओ (Flipkart IPO) का इंतजार करने वाले लाखों निवेशकों के लिए एक मायूस करने वाली खबर आई है। दरअसल, अमेरिका स्थित रिटेलर वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के पब्लिक इश्यू की योजना को स्थगित कर दिया है। दरअसल, कंपनी आईपीओ के बजाय वित्त वर्ष 2027 के अंत से पहले EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। EBITDA एक अहम फाइनेंशियल मैट्रिक है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में इस घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी है। हालांकि, फ्लिपकार्ट ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।
क्या है कंपनी के CEO का प्लान?
प्राइवेट या पब्लिक मार्केट्स से नई पूंजी जुटाने के बजाय कंपनी की प्रॉफेटिबिलिटी को प्राथमिकता देने का निर्णय वॉलमार्ट के सीईओ और अध्यक्ष जॉन फर्नेर ने लिया है। यह डिसीजन उन्होंने पिछले सप्ताह बेंगलुरु यात्रा के दौरान लिया था। फरवरी में पदभार संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा थी, जहां उन्होंने फ्लिपकार्ट की पूरी टीम से मुलाकात की।
सूत्रों ने क्या कहा?
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, “फ्लिपकार्ट ने आंतरिक रूप से वित्त वर्ष 2027 (वर्तमान वित्त वर्ष) के खत्म होने से पहले ईबीआईटीडीए ब्रेक-ईवन हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि फ्लिपकार्ट इस लक्ष्य को पूरा करने से पहले अपने नियोजित आईपीओ या यहां तक कि प्री-आईपीओ फाइनेंसिंग राउंड को भी आगे नहीं बढ़ाएगी।”
बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच मुनाफे पर जोर
फिलहाल, कंपनी बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच मुनाफ़े पर ज़ोर दे रही है। फ्लिपकार्ट फिलहाल अपनी 10 मिनट की ग्रॉसरी डिलीवरी सर्विस 'मिनट्स' जैसी इकाइयों का विस्तार कर रहा है। कुछ दिन पहले फर्नेर द्वारा शुरू किए गए इस कारोबार को पूंजी की आवश्यकता होगी क्योंकि फ्लिपकार्ट अमेज़न नाउ, रिलायंस के जियोमार्ट, एटर्नल के ब्लिंकइट, ज़ेप्टो, टाटा के बिगबास्केट, स्विगी के इंस्टामार्ट और अन्य कंपनियों से कॉम्पिटिशन मिल रहा है।
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वॉलमार्ट के लिए, PhonePe के बाद यह दूसरा भारतीय IPO है जिसे कंपनी ने स्थगित किया गया है। हालांकि, भारत में सार्वजनिक बाज़ार में सूचीबद्ध होने से अरबों डॉलर का लाभ कमाने की क्षमता रखने वाला यह अमेरिकी रिटेलर जल्दबाजी में नहीं है। वॉलमार्ट के पास वर्तमान में PhonePe का 71.8 प्रतिशत और Flipkart का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है।