ONDC में कैसे खोल सकते हैं दुकान? रजिस्ट्रेशन, खर्च और कमाई का पूरा फॉर्मूला समझिए
ONDC छोटे कारोबारियों और MSME को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने का एक ओपन नेटवर्क है। इसमें दुकान खोलने की प्रक्रिया, संभावित खर्च और कमाई का पूरा फॉर्मूला सम ...और पढ़ें

Open Network for Digital Commerce में दुकान खोलने का तरीका
HighLights
ONDC छोटे कारोबारियों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ता है।
Seller App के जरिए रजिस्ट्रेशन, KYC दस्तावेज आवश्यक।
कमाई उत्पाद, मांग और ऑर्डर संख्या पर निर्भर करती है।
नई दिल्ली| इंटरनेट और डिजिटल के तेजी से बदलते दौर में हर क्षेत्र में ऑनलाइन का क्रेज बढ़ता जा रहा है। अब देश में छोटे कारोबारियों और MSME को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने के लिए ONDC (Open Network for Digital Commerce) तेजी से चर्चा में है। ONDC किसी एक ई-कॉमर्स वेबसाइट की तरह नहीं, बल्कि एक ओपन नेटवर्क है, जहां विक्रेता एक बार जुड़कर कई खरीदार ऐप्स तक अपनी पहुंच बना सकते हैं।
ONDC एक ओपन मार्केट है इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों को Amazon और Flipkart जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करने का विकल्प देता है।
ONDC पर दुकान कैसे खोलें?
ONDC पर सीधे रजिस्ट्रेशन नहीं होता। व्यापारी को किसी ONDC-सक्षम Seller App के माध्यम से जुड़ना पड़ता है। इसके लिए व्यवसाय का नाम, पता, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, GSTIN (जहां आवश्यक हो), पहचान पत्र, कैंसिल चेक और अन्य KYC दस्तावेज जमा करने होते हैं। KYC का वेरिफिकेशन होने के बाद उत्पादों की लिस्टिंग की जाती है और फिर वे विभिन्न Buyer Apps पर दिखाई देने लगते हैं। आमतौर पर 2-3 वर्किंग डे में मंजूरी मिल सकती है।
दुकान खोलने का खर्च और ONDC का कमीशन कितना?
ONDC पर दुकान खोलने का खर्च Seller App और सर्विस पर निर्भर करता है। कुछ ऐसे भी प्लेटफॉर्म हैं जो MSME के लिए फ्री ऑनबोर्डिंग का दावा करते हैं, जबकि कुछ एजेंसियां प्रोफेशनल सेटअप, कैटलॉग मैपिंग और इंटीग्रेशन के लिए लगभग ₹25,000 + GST तक शुल्क ले सकती हैं।
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ONDC खुद कोई कमीशन फिक्स नहीं तय करता। बल्कि Seller App, Buyer App और लॉजिस्टिक्स पार्टनर अपने-अपने चार्जेस या कमीशन मॉडल लागू कर सकते हैं। इसलिए लागत प्लेटफॉर्म के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
ONDC से कैसे कर सकते हैं कमाई?
ONDC से कमाई पूरी तरह प्रोडक्ट, मांग, मार्जिन और ऑर्डर की संख्या पर निर्भर करती है। यदि कोई विक्रेता रोजाना 20 ऑर्डर लेता है और प्रति ऑर्डर औसत बिक्री ₹500 है, तो महीने बिक्री लगभग ₹3 लाख तक पहुंच सकती है। 15-20% के नेट मार्जिन पर लाभ ₹45,000 से ₹60,000 तक हो सकता है। हालांकि वास्तविक कमाई लॉजिस्टिक्स, रिटर्न और अन्य परिचालन खर्चों के बाद ही तय होती है।