Vedanta Demerger से निकली अनिल अग्रवाल की कंपनी पर आफत, ₹51 करोड़ के मामले में कार्रवाई; ITC इस्तेमाल का आरोप
अनिल अग्रवाल की वेदांता समूह की सहायक कंपनी ESL स्टील लिमिटेड को रांची सीजीएसटी विभाग से ₹51 करोड़ से अधिक का टैक्स नोटिस मिला है। ...और पढ़ें

Vedanta की ESL स्टील को ₹51 करोड़ से अधिक का टैक्स नोटिस मिला।
HighLights
ESL स्टील को ₹51 करोड़ से अधिक का टैक्स नोटिस मिला।
आयातित वस्तुओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के कथित दुरुपयोग का आरोप।
कंपनी कानूनी कदम उठाएगी, वित्तीय या परिचालन पर प्रभाव नहीं।
नई दिल्ली। दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता समूह की कंपनी 'वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड' (VISL) की सहायक कंपनी ESL स्टील लिमिटेड (ESL) मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है।
अनिल अग्रवाल की वेदांता स्टील (जिसे आधिकारिक तौर पर वेदांता आयरन एंड स्टील के नाम से लिस्ट किया गया है) वेदांता लिमिटेड के बड़े कॉर्पोरेट पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी पाँच स्वतंत्र इकाइयों में बँट गई। Vedanta Demerger के तहत 1 मई, 2026 की रिकॉर्ड डेट के बाद, इसे 15 जून, 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट किया गया, जिससे शेयरधारकों को आयरन और स्टील सेक्टर में अलग शेयर मिले।
अब इसकी सहायक कंपनी ESL स्टील लिमिटेड मुश्किल में है। रांची स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) और केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त कार्यालय ने कंपनी को ₹51 करोड़ से अधिक का टैक्स नोटिस थमाया है।
क्या है पूरा मामला?
वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी सहायक कंपनी ESL स्टील लिमिटेड को 7 अगस्त, 2026 को जीएसटी विभाग से एक सूचना (Form GST DRC-01A) प्राप्त हुई है। यह नोटिस वित्त वर्ष 2020-21 से 2022-23 के दौरान आयातित वस्तुओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित तौर पर अधिक लाभ उठाने और उसके उपयोग से संबंधित है।
टैक्स विभाग का आरोप है कि कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) का इस्तेमाल किया है।
विभाग द्वारा जारी नोटिस में कुल ₹51,23,19,275 (इक्यावन करोड़ तेईस लाख उन्नीस हजार दो सौ पचहत्तर रुपये) की मांग की गई है। इस राशि का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
Vedanta की कंपनी उठाएगी कानूनी कदम
वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड ने स्पष्ट किया है कि वह इस नोटिस का बारीकी से अध्ययन कर रही है। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर कानून के अनुसार उचित कानूनी कदम उठाएगी।
निवेशकों को राहत देते हुए कंपनी ने यह भी कहा है कि इस नोटिस का कंपनी के वित्तीय या परिचालन गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। वर्तमान में कंपनी इस मामले के खिलाफ कानूनी उपचार (Legal Remedy) तलाश रही है।
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