जिंदल ग्रुप ने ₹1410 करोड़ में खरीदा मारुति क्लीन का बड़ा पावर प्लांट, अब इस राज्य में जमाई धाक
JSW एनर्जी ने ₹1,410 करोड़ में मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड (MCCPL) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिससे उसकी कुल ऑपरेटिंग क्षमता 14.8 GW हो गई है। ...और पढ़ें

JSW एनर्जी ने ₹1410 करोड़ में MCCPL का अधिग्रहण किया (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
JSW एनर्जी ने ₹1410 करोड़ में MCCPL का अधिग्रहण किया।
कुल ऑपरेटिंग क्षमता बढ़कर 14.8 GW हुई।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में 300 MW थर्मल प्लांट शामिल।
नई दिल्ली। भारत की सबसे अमीर महिला सवित्री जिंदल के नेतृत्व वाली दिग्गज ऊर्जा कंपनी JSW एनर्जी लिमिटेड (JSW Energy Limited) ने पावर सेक्टर में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को कंपनी ने मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड (MCCPL) के 100% इक्विटी शेयरों के अधिग्रहण के सफल समापन की आधिकारिक घोषणा की। JSW एनर्जी ने स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) को यह जानकारी दी है। JSW Energy का शेयर अभी 563 रुपये पर है। आज इसके शेयर में मामूली तेजी देखने को मिली। कंपनी का मार्केट कैप 1.03 लाख करोड़ रुपये है।
₹1,410 करोड़ की बड़ी डील
JSW Energy ने ₹1,410 करोड़ की एंटरप्राइज़ वैल्यू पर यह अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस डील के साथ, MCCPL अब JSW Energy की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बन गई है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित इस MCCPL थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 300 MW है। कंपनी के अनुसार, इस अधिग्रहण से पहले दिन से ही उसकी मुनाफ़ेदारी (EBITDA और PAT) में बढ़ोतरी होगी। वित्त वर्ष 2026 में, इस एसेट का EBITDA लगभग ₹279 करोड़ था।
बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी
इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद, JSW एनर्जी की कुल ऑपरेटिंग क्षमता बढ़कर 14.8 GW (14,835 MW) हो गई है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 30 GW करना है।
इस डील की मुख्य बातें क्या हैं?
इस प्लांट का राजस्थान डिस्कॉम के साथ 195 MW के लिए 14 साल का लंबा पावर परचेज़ एग्रीमेंट (PPA) है। SECL के साथ लंबे समय के लिए फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट और 'शक्ति' (SHAKTI) स्कीम के तहत कोल लिंकेज भी पक्का हो गया है। इसके अलावा, यह प्लांट JSW की महानदी फैसिलिटी के पास है, जिससे लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल लागत कम होगी।
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JSW एनर्जी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शरद महेंद्र ने कहा, "MCCPL का अधिग्रहण अनुशासित विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे हमारी मौजूदा बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।"
फिलहाल, कंपनी की कुल लॉक-इन क्षमता 32.4 GW है, जिसमें 14.8 GW चालू क्षमता और 13.6 GW निर्माणाधीन क्षमता शामिल है। कंपनी का लक्ष्य 2050 तक 'कार्बन न्यूट्रल' बनना है।
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