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    विराट कोहली के कारण बदल जाता है ड्रेसिंग रूम का माहौल, पूर्व कोच ने किया खुलासा

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 05:32 PM (GMT+05:30)

    पूर्व फील्डिंग कोच टी. दिलीप ने विराट कोहली की फिटनेस और मैदान पर उनकी ऊर्जा की सराहना की है, जिससे पूरी टीम प्रेरित होती है। उन्होंने 2024 टी20 विश्व ...और पढ़ें

    विराट कोहली (फोटो: BCCI)

    विराट कोहली (फोटो: BCCI)

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस का नया स्तर बनाया। उन्होंने खुद को फिट बनाया और फिर इसका असर पूरी टीम पर देखने को मिला। अब कोहली को लेकर भारत के पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप ने बड़ा बयान दिया है। दिलीप ने कोहली की जमकर तारीफ की है।

    दिलीप का कहना है कि कोहली मैच के किसी भी चरण में ऊर्जा को कम नहीं होने देते हैं। उनका मानना है विराट मैच ही नहीं बल्कि प्रैक्टिस के दौरान भी उसी ऊर्जा को बनाए रखते हैं। पूर्व भारतीय कोच का कहना है कि इससे टीम के फील्डिंग स्तर को उठाने में भी मदद मिलती है।

    दिलीप ने बताया कैसे टीम पर पड़ता है असर?

    दिलीप के अनुसार विराट की यह तीव्रता सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रहती। जब विराट मैदान पर होते हैं तो कम से कम पांच अन्य खिलाड़ी भी अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाते हैं। गेंद उनके पास आए या न आए, विराट हमेशा गेंद को अपने हाथ में लेना चाहते हैं। डेथ ओवर्स में वे लॉन्ग-ऑन से लॉन्ग-ऑन दौड़ते हैं और सर्कल से सबसे पहले बाहर निकलते हैं। यह टीम के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2024 में मिली जीत को भी किया याद

    दिलीप ने अपने करीब पांच साल के कार्यकाल का सबसे अच्छा पल बारबाडोस में 2024 टी20 विश्व कप जीत को बताया। ट्रॉफी से ज्यादा उन्हें ड्रेसिंग रूम का माहौल याद है, जहां कुछ सेकंड की खामोशी के बाद खुशी का सैलाब उमड़ पड़ा। उन्होंने कहा कि उस पल में चार साल की मेहनत साफ झलक रही थी।

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    उन्होंने सूर्यकुमार यादव के उस शानदार कैच का भी जिक्र किया, जिससे डेविड मिलर आउट हुए। पहले कुछ पल वे शांत रहे क्योंकि दिमाग में कई सवाल घूम रहे थे कि कैच साफ है या नहीं। पुष्टि होते ही भावनाएं उमड़ पड़ी, लेकिन मैच अभी खत्म नहीं हुआ था, यह बात भी उनके मन में थी।

    फील्डिंग मेडल और आगे की चुनौती

    दिलीप के कार्यकाल में फील्डिंग मेडल शुरू किया गया, जिससे खिलाड़ियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी। अब भारत श्रीलंका के टेस्ट दौरे पर जा रहा है। दिलीप ने कहा कि स्लिप क्षेत्र में फील्डरों के बीच की दूरी बहुत बारीक होनी चाहिए। तेज गेंदबाजों के खिलाफ गेंद तेज आती है, इसलिए लेटरल मूवमेंट के लिए समय कम मिलता है। स्पिनरों के मामले में भी गैप सही रखना जरूरी है, जैसा शुभमन गिल ने अफगानिस्तान सीरीज में दिखाया था।

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