'इसी मैदान पर इतिहास रचा था', हरारे पहुंचते ही Vaibhav Suryavanshi हुए भावुक; जिम्बाब्वे के खिलाफ 'तबाही' मचाने को तैयार
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 से बाहर होने के बाद अपने उतार-चढ़ाव भरे सफर पर बात की और कहा कि उन्हें अपनी प्रक्रिया पर भरोसा ...और पढ़ें

वैभव सूर्यवंशी (फोटो: BCCI)

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पीटीआई, हरारे। भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बीसीसीआई डट टीवी से कहा कि पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। लेकिन मुझे अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखना है और टीम के लिए अपना शत प्रतिशत देना है।
इंग्लैंड के विरुद्ध पांचवें और अंतिम टी-20 से बाहर किए जाने के बाद सूर्यवंशी भावुक दिख रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि कम उम्र में ऐसी निराशाओं से उबरना आसान नहीं होता, लेकिन उन्हें अपने आसपास के लोगों और कोचिंग स्टाफ से पूरा सहयोग मिला जिससे वह दोबारा अपना ध्यान खेल पर केंद्रित कर सके।
वैभव सूर्यवंशी को है आत्मविश्वास
उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि मुझे जिस भी तरह की मदद या मार्गदर्शन चाहिए, कोच मुझे उपलब्ध करा रहे हैं। जितना अभ्यास मुझे चाहिए, वह भी मिल रहा है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं और आत्मविश्वास से भरा हूं। सूर्यवंशी इस साल फरवरी में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य थे। उन्होंने इसी मैदान पर फाइनल में इंग्लैंड के विरुद्ध महज 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मेरे लिए ये मैदान बहुत यादगार: सूर्यवंशी
उन्होंने कहा कि यह मैदान मेरे लिए बहुत यादगार है। केवल चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था इसलिए यह मेरे लिए बेहद खास मैदान है। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बहुत विशेष पल है। उन्होंने कहा कि जिस मैदान पर हमने चार महीने पहले इतिहास रचा था, उसी मैदान पर फिर से भारत के लिए खेलना एक अलग ही एहसास है। मैं इसका भरपूर आनंद ले रहा हूं।