IPL के लिए PSL छोड़ा तो लगा 2 साल का बैन, अब खिलाड़ी ने खोली पाकिस्तान क्रिकेट की पोल
पाकिस्तान सुपर लीग छोड़कर आईपीएल खेलने वाले जिम्बाब्वे के गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगा था। ...और पढ़ें
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ब्लेसिंग मुजरबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगा था।
HighLights
कोलकाता से जुड़े ब्लेसिंग मुजरबानी
मुस्तफिजुर रहमान की जगह ली
इस्लामाबाद यूनाइटेड ने किया था एलान
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग छोड़कर आईपीएल खेलने वाले जिम्बाब्वे के गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगा था। अब उनकी एजेंसी ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पर पलटवार किया है। एजेंसी का तर्क है कि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स में शामिल होने से पहले कभी कोई कॉन्टैक्ट साइन नहीं किया था।
आईपीएल का दामन थामा
पीएसएल फ्रेंचाइजी इस्लामाबाद यूनाइटेड ने मुजरबानी को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में अपनी टीम का हिस्सा बनाने की घोषणा की थी। यह डील लगभग 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये (करीब 37.4 लाख भारतीय रुपये) में होनी थी।
बाद में मुजरबानी ने आईपीएल का दामन थाम लिया। वह मुस्तफिजुर रहमान के रिप्लेसमेंट के तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में शामिल हो गए। मुजरबानी के इस फैसले से पीएसएल मैनेजमेंट खफा हो गया और कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दो साल का बैन ठोक दिया।
कॉन्ट्रैक्ट कभी हुआ ही नहीं
मुजरबानी की एजेंसी वर्ल्ड स्पोर्ट्स एक्सचेंज ने कहा कि तेज गेंदबाज पर ऐसे कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन करने का आरोप नहीं लगाया जा सकता जो कभी जारी ही नहीं किया गया था। एजेंसी ने कहा, "पिछले छह हफ्तों से हम चुप रहे क्योंकि हम दुश्मनी पैदा नहीं करना चाहते थे।" जब सोशल मीडिया पर मुजरबानी के खिलाफ गालियों और नफरत भरी आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया, तो एजेंसी को मजबूरन सच्चाई सामने लानी पड़ी।
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पीएसएल ने की देरी
एजेंसी के अनुसार, इस्लामाबाद यूनाइटेड ने मुजरबानी को खेलने का ऑफर जरूर दिया था। इसके लिए जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना जरूरी था। नियम के अनुसार बिना लिखित कॉन्ट्रैक्ट के एनओसी नहीं मिल सकती।
पीएसएल और फ्रेंचाइजी ने जल्दबाजी दिखाई और बिना किसी कॉन्ट्रैक्ट भेजे ही सोशल मीडिया पर मुजरबानी को साइन करने की घोषणा कर दी। एलान के दो हफ्ते बाद भी मुजरबानी को पीएसएल की तरफ से कोई डॉक्यूमेंट नहीं मिला। इसी लेटलतीफी के बीच केकेआर (KKR) ने मुजरबानी से संपर्क किया और डील पक्की कर ली।
एजेंसी ने की आलोचना
एजेंसी ने सजा की आलोचना करते हुए दो साल के प्रतिबंध को अनुचित बताया। बयान में कहा गया, हमें लगता है कि पीएसएल में भाग लेने पर कोई भी प्रतिबंध अत्यधिक है और यह उन खिलाड़ियों को दी गई सजा के अनुरूप नहीं है, जिन्होंने वास्तव में अनुबंध का उल्लंघन किया है। एजेंसी ने पीएसएल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और इसे प्रशासनिक चूक बताते हुए जिम्मेदारी स्वीकार करने का आग्रह किया।