क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबा टेस्ट, 12 दिनों में बने 1981 रन; फेंकी गई इतनी गेंदें कि हो जाते 22 T20 मैच
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जो 12 दिनों तक चला था। मैच में कुल 1981 रन बने थे। उस मैच में इतनी गेंदें फेंकी गई थी कि 22 टी20 ...और पढ़ें

12 दिनों तक चलने वाला टेस्ट मैच

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में क्रिकेट को मनोरंज का एक साधन माना जाता है। पहले टेस्ट और फिर वनडे, अब टी20 फॉर्मेट लाकर इसे फटाफटा क्रिकेट बना दिया गया है। आज फैंस को भी 20 ओवरों का फॉर्मेट खूब भाता है। इसकी वजह से वनडे क्रिकेट के अस्तित्व पर भी सवाल उठ रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट, जो पांच दिनों का होता है, वो भी अपने वजूद के लिए लड़ रहा है।
आज भी कई महान बल्लेबाज और गेंदबाज टेस्ट को ही असली क्रिकेट मानते हैं। ये इस खेल का सबसे पुराना फॉर्मेट है और कई ऐतिहासिक मुकाबले खेले गए हैं। इसी कड़ी में एक ऐसा टेस्ट मैच शामिल है, जो 12 दिनों तक चला था। इसके बाद भी मुकाबले का कोई नतीजा नहीं निकल सका था। मैच में 1981 रन बने थे और 907.5 ओवरों की गेंदबाजी हुई थी।
इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक मैच
इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच ये ऐतिहासिक मुकाबला 3 मार्च से 14 मार्च के बीच 1939 में खेला गया। मुकाबला डरबन में हुआ था, जहां 12 दिनों तक दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ लड़ती रहीं। इस दौरान दो दिन रेस्ट डे रखा गया था, जबकि एक दिन बारिश की वजह से खेल नहीं हो सका था। इस तरह 9 दिन ही टीमें मैदान पर खेल सकीं। इसे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे लंबा मैच भी कहा जाता है। मुकाबले को आखिरी टाइमलेस टेस्ट मैच भी माना जाता है।
टेस्ट मैच में 907 ओवर की गेंदबाजी
इस मुकाबले की अगर बात करें, तो कुल 5447 गेंदें फेंकी गई। उस समय एक ओवर में 8 गेंदें होती थी। ऐसे में उस समय के हिसाब से ये 680.7 ओवर होते हैं। अगर आज के 6 गेंदों के ओवर के लिहाज से देखें, तो ये 907.5 ओवर बनते हैं। एक टी20 मैच में 240 गेंदें होती हैं और इस लिहाज से इसमें 22 टी20 मैच पूरे हो जाते। इसके अलावा 167 गेंदें बच जाती, जो एक टी20 की पारी से भी थोड़ी ज्यादा है।
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मैच में रनों की बात करें, तो कुल 1981 रन बने। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 530 और दूसरी पारी में 481 रन बनाए। इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 316 रनों पर सिमट गई थी। उन्हें मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए 696 रनों का लक्ष्य मिला था। अंग्रेजों ने चौथी पारी में शानदार बैटिंग की और 5 विकेट के नुकसान पर 654 रन ही बना सकी। नौ दिन का खेल होने के बाद भी मैच का नतीजा नहीं निकल सका और मुकाबला ड्रॉ हो गया।
इंग्लैंड की टीम को छोड़ना पड़ा अधूरा मैच
इंग्लैंड टीम को वापस लौटने के लिए जहाज पकड़ना था। इस वजह से वे मैच को बीच में ही छोड़कर चले गए थे। अगर ऐसा नहीं होता, तो माना जाता है कि मैच एक दिन और चल सकता है और मुकाबले का नतीजा निकल जाता। इस मुकाबले को अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे लंबी लड़ाई के रूप में याद किया जाता है।