टी20 वर्ल्ड कप-2026 में खेलने को लेकर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने अपने ही देश को दिखाया आईना, बताया 'कमजोर'
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम की भागीदारी पर फैसला नहीं लिया है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने इस देरी पर देश की आलोचना ...और पढ़ें
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HighLights
पीसीबी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भागीदारी पर फैसला नहीं लिया
पूर्व कप्तान ने पाकिस्तान की धीमे फैसला लेने वाली आदत को कोसा
पूर्व कप्तान ने भारत के खिलाफ न खेलने का नया विरोध सुझाया
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अभी तक साफ नहीं किया है कि उसकी टीम अगले महीने से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप-2026 में खेलेगी या नहीं। पीसीबी ने ये फैसला सरकार के ऊपर छोड़ा है और सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने नया शगूफा छेड़ दिया है और अपने ही देश को एक तरह से कमजोर बता दिया है।
पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने वर्ल्ड कप में खेलने और न खेलने को लेकर पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से बात की थी। दोनों की बैठक में अंतिम फैसला मंगलवार तक लेने का तय हुआ था। अभी तक पकिस्तान की तरफ से इस तरह का कोई बयान सामने नहीं आया है। इसलिए स्थिति साफ नहीं है।
लतीफ ने कई बड़ी बात
लतीफ ने कहा है कि पाकिस्तान फैसले लेने को लेकर काफी धीमे चल रहा है। उनका मानना है कि एक अहम फैसला लेने का समय निकल गया है। लतीफ के मुताबिक, अब पाकिस्तान का टूर्नामेंट से पूरी तरह से नाम वापस लेना मुमकिन नहीं है।" हालांकि, उन्होंने विरोध का एक नया तरीका सुझाया है।
लतीफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा, "अगर सरकार कहती है कि हम अब भारत के साथ नहीं खेलेंगे तो आईसीसी को मानना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो फिर असल मुकाबला शुरू होगा।"
लतीफ से जब पूछा गया कि अगर भारत और पाकिस्तान की टीमें फाइनल में भिड़ती हैं तो क्या होगा? लतीफ ने कहा, "नहीं खेलेंगे।"
तुरंत लेना था फैसला
लतीफ का मानना है कि पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने का फैसला बांग्लादेश को हटाए जाने के बाद तुरंत लेना था। उन्होंने कहा, "स्ट्राइक करने का समय चला गया है। हर फैसले का एक समय होता है। आपको जब हथौड़ा मारना होता है जब लोहा गरम हो। वो समय पिछले सप्ताह हुई आईसीसी की मीटिंग थी। हमने अपना समर्थन दिखाया। हमने उनके लिए वोट किया। मामला अब खत्म हो चुका है। अगर अब हम बायकॉट करते हैं तो उतना प्रभाव नहीं पड़ेगा।"