यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ENG vs IND: टीम से हुआ बाहर, फिटनेस के कारण फूट-फूट कर रोया, मां ने कोच बनकर दी ट्रेनिंग, अब इंग्लैंड में खूंटा गाड़ने को तैयार भारत का लाल
शुभमन गिल ने हेडिंग्ले मैदान से अपने टेस्ट कप्तानी करियर की शुरुआत कर रहे हैं। इस मैच में गिल ने एक ऐसे बल्लेबाज को मौका दिया है जिसे एक समय अंडर-19 ट ...और पढ़ें

HighLights
- IND vs ENG: भारतीय टीम ने दिया युवा खिलाड़ी को डेब्यू का मौका
- IND vs ENG: चेतेश्वर पुजारा ने सौंपी टेस्ट कैप
- IND vs ENG: नंबर-3 पर करेगा टीम इंडिया के लिए बल्लेबाजी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कहते हैं इंसान जो ठान ले वो कर दिखाता है। सनक और जिद के साथ माता-पिता का साथ मिल जाए तो फिर बात ही क्या। कुछ ऐसा ही हुआ भारत के 317वें नंबर के टेस्ट खिलाड़ी के साथ। ये नंबर जुड़ा है जुझारू बल्लेबाज के साथ जिसे एक समय अंडर-19 टीम के काबिल तक नहीं समझा गया था और आज वही लड़का इंग्लैंड के ऐतिहासिक लीड्स शहर के ऐतिहासिक हेडिंग्ले मैदान पर टेस्ट डेब्यू कर रहा है। नाम है साई सुदर्शन।
युवा कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा टीम इंडिया अंग्रेजों की जमीन पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज करने जा रही है। पहला मैच हेडिंग्ले में और मैच से पहले चेतेश्वर पुजारा ने सुदर्शन के टेस्ट कैप दी। सुदर्शन उसी नंबर-3 पर बल्लेबाजी करेंगे जिस पर पुजारा और उनसे पहले राहुल द्रविड़ करते थे। ये बताता है कि सुदर्शन की काबिलियत पर टीम को किस तरह का भरोसा है।
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ऐसे बदली कहानी
लेकिन सुदर्शन के यहां तक का सफर आसान नहीं था। बात दिसंबर 2019 की है। तमिलनाडु की अंडर-19 टीम से सुदर्शन को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इस फैसले के बाद सुदर्शन फूट-फूटकर रोने लगे थे। सुदर्शन की फिटनेस उस समय अच्छी नहीं थी। यहीं से उनका रिहैब शुरू हुआ वो भी उनकी मां के साथ जो उनकी स्ट्रैंग्थ एंड कंडीशनिंग कोच बनी थीं।
सुदर्शन की मां वॉलीबॉल प्लेयर रह चुकी हैं और राज्य के लिए खेल चुकी हैं। उनके पिता आर भारद्वाज भी एथलीट रह चुके हैं और साउथ एशियन गेम्स ढाका-1993 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इन दोनों की मेहनत के कारण सुदर्शन न कहानी बदली और आज इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू कर रहे हैं।
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सुदर्शन की मां ऊषा ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया, "महामारी (कोविड) के दौरान हमने साथ में ट्रेनिंग करना शुरू किया। मैंने उसकी स्ट्रैंग्थ एंड कंडीशनिंग ट्रेनिंग की जिम्मेदारी ली और मेरे पति ने सुदर्शन की रनिंग और ग्राउंड ट्रेनिंग की जिम्मेदारी ली। कोविड के कारण हम सभी को घर के अंदर ही रहना पड़ा और ऐसे में फिटनेस परिवार का एक अहम हिस्सा बन गई। सुदर्शन को इसकी आदत पड़ गई। मैंने उन्हें विराट के वीडियो दिखा-दिखाकर फिट और मजबूत बनने के लिए मोटिवेट किया।"
Sai sudarshan getting his test cap from @cheteshwar1 #ENGvIND pic.twitter.com/BIi00Zc6gk
— Cricketumpire (@passionateumps) June 20, 2025
बदल गई किस्मत
यहां से सुदर्शन की किस्मत बदल गई। वह अपने आप में सुधार करने के लिए पागल हो गए। साल 2021 में तमिलनाडु प्रीमियर लीग में सुदर्शन ने धमाल मचाया और लीग में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर रहे।
इसी साल उन्होंने अपने राज्य की सफेद गेंदों की टीम के लिए डेब्यू किया। एक साल बाद सुदर्शन ने रणजी ट्रॉफी डेब्यू भी कर लिया। तब से अभी तक बाएं हाथ का ये बल्लेबाज 29 मैचों में 1957 रन बना चुके हैं और इस दौरान उनका औसत 40 का रहा है जिसमें सात शतक शामिल हैं।
आईपीएल-2025 में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को मिलने वाली ऑरैंज कैप जीती। गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 759 रन बनाए।
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