काव्या मारन की टीम से नहीं खेल पाएंगे पाकिस्तानी अबरार अहमद? पाक खिलाड़ी के सामने आई बड़ी मुसीबत
द हंड्रेड लीग में काव्या मारन की स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया था। अब उनके लीग में खेलने पर संदेह ...और पढ़ें

काव्या मारन-अबरार अहमद

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद एक दुविधा में फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। अबरार को काव्या मारन की स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने द हंड्रेड लीग में खरीदा था। इसके बाद काव्या की काफी आलोचना हुई थी। अब अबरार एक दुविधा में फंस गए हैं और उनके लीग में खेलने पर संशय मंडरा रहा है।
अहमद पाकिस्तानी टीम के अहम खिलाड़ी हैं और इसी वजह से उनके लिए लीग क्रिकेट या राष्ट्रीय टीम का चयन करना दुविधा बन गया है। दरअसल, जिस समय द हंड्रेड लीग खेली जानी है, उसी समय पाकिस्तान को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है। अबरार के संभावित चयन ने उनके लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि वे पाकिस्तान को चुनेंगे या फिर द हंड्रेड में खेलेंगे।
अबरार अहमद के लिए खड़ी हुई बड़ी मुसीबत
द हंड्रेड लीग 21 जुलाई से शुरू होने वाली है। दूसरी तरफ पाकिस्तान को 25 जुलाई से वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच खेलना है। ऐसे में अबरार के लिए दोनों में से किसी एक का चयन करना होगा। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक अबरार और उनके एजेंट दुविधा में हैं कि अगर उनका चयन टेस्ट सीरीज के लिए होता है, तो लीग में उनकी भागीदारी प्रभावित होगी। इस वजह से वे दुविधा में फंसे हुए हैं।
अबरार को लेकर इतनी बातें इस वजह से भी हो रही हैं क्योंकि सनराइजर्स लीड्स की मालिक भारत की काव्या मारन हैं। वे आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की भी ओनर हैं। इसके बाद नीलामी में उन्होंने खुद अबरार के लिए बोली लगाई और उन्हें 2.3 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया। उनके ऐसा करने से भारत में कड़ा विरोध हुआ। काव्या को जमकर आलोचना का सामना करना पड़ा।
खबरें और भी
द हंड्रेड में खेलना चाहते हैं अबरार
रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके एजेंटों का कहना है कि टीम ने जब अबरार के लिए बोली लगाई, तो उन्हें भारतीयों की आलोचना का सामना करना पड़ा। इस वजह से उनका लीग में खेलना बहुत ही जरूरी है। हालांकि, वे इस पर विचार कर रहे हैं कि अगर उनका चयन पाकिस्तानी टीम में होता है, तो वे लीग खेलेंगे या फिर राष्ट्रीय टीम को तरजीह देंगे।