पूर्वी दिल्ली के अजीत नगर में नाला ओवरफ्लो होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बीमारियों का खतरा बढ़ा
पूर्वी दिल्ली के अजीत नगर और धर्मपुरा में एक महीने से नाला ओवरफ्लो होने से एक हजार से अधिक परिवार गंदे पानी और बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं। स्थानीय ...और पढ़ें

HighLights
अजीत नगर में एक माह से नाला ओवरफ्लो की समस्या।
हजारों परिवार गंदे पानी और बीमारियों के खतरे से जूझ रहे।
शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, सफाई व्यवस्था भी ठप।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र के अजीत नगर और धर्मपुरा के रिहायशी इलाकों में वर्षों से चली आ रही नाला ओवरफ्लो की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। सुबह से लेकर शाम तक लोगों के घरों के आगे नाले का गंदा पानी भरा रहता है।
लोगों का आरोप है कि मुख्य नाले की समय पर सफाई नहीं होने से इलाके का नाला जाम हो गया है, जिसके कारण गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर फैल रहा है। हालात ऐसे हैं कि एक हजार से अधिक परिवार गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर हैं।
बच्चों को स्कूल जाने और लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए नाले के पानी से होकर ही गुजरना पड़ता है।
रिश्तेदारों ने भी घर आना छोड़ा
स्थानीय लोगों ने बताया कि महावीर स्वामी पार्क से पुराना सीलमपुर तक जाने वाले नाले में जमी गाद और अधूरी जल निकासी व्यवस्था के कारण सुबह-शाम सीवर का पानी मुख्य मार्ग तक पहुंच जाता है। अजीत नगर की गली नंबर सात, आठ और नौ की स्थिति नारकीय बनी हुई है।

पिछले एक माह से लोगों की दिनचर्या सुबह उठते ही घरों के आगे जमा गंदे नाले के पानी की सफाई की जद्दोजहद से शुरू होती है, लेकिन इसके बावजूद राहत नहीं मिल रही। घरों के आगे लगातार गंदा पानी जमा रहने के कारण रिश्तेदारों ने भी घर आना छोड़ दिया है।
स्थानीय निवासी राहुल ने बताया कि पिछले एक वर्ष से सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, एमसीडी और जनप्रतिनिधियों से लगातार शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। पिछले एक माह से प्रतिदिन पानी भर रहा है।
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बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विभाग की ओर से लगाए गए पंप सेट भी पानी निकालने में नाकाफी साबित हो रहे हैं।
बढ़ रहा बीमारियों का खतरा
लोगों का कहना है कि स्थानीय विधायक से शिकायत करने पर सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से नाला निर्माण कार्य पूरा होने और वर्षा समाप्त होने के बाद समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लोगों का जीवन गंदे पानी, बदबू और मच्छरों के बीच बीमारियों का खतरा है।
हालांकि, इस गंभीर मामले पर पक्ष जानने के लिए यमुना विकास बोर्ड के चेयरमैन एवं स्थानीय विधायक अरविंदर सिंह लवली से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की। हालांकि, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की शिकायत दी है, जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था भी प्रभावित
गली में सुबह से ही गंदा पानी भरा रहने के कारण एमसीडी की ओर से नियमित सफाई भी नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां इस समस्या का समाधान किया जाना चाहिए, वहीं इसी समस्या का हवाला देकर उन्हें अन्य बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है।

पिछले एक माह से निगम की ओर से रोजाना होने वाली गली की सफाई बंद है। सफाई कर्मचारी गली में भरे गंदे पानी का हवाला देकर सफाई करने से बच रहे हैं, जिसके कारण गलियों में कचरे का अंबार लग गया है।
क्या बोले लोग
पिछले एक माह से रोज घरों के बाहर गंदा पानी भर रहा है। शिकायतें कई बार कीं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला।
-राकेश
गंदे पानी के कारण सफाई कर्मचारी भी नहीं आते। गलियों में कचरा जमा है और बदबू व मच्छरों से बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
-कदम सिंह