डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 500 महिलाओं से 2 करोड़ की ठगी, दिल्ली का शातिर साइबर ठग गिरफ्तार
दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली साइबर पुलिस ने आनंद कुमार नामक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 500 से ...और पढ़ें

निजी कंटेंट को वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं से लगभग दो करोड़ रुपये की ठगी की।

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जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी पश्चिमी जिले की साइबर थाने की टीम ने शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपित 24 परगना, बंगाल का रहने आनंद कुमार डेटिंग और मेट्रिमोनियल एप पर डाॅक्टर, प्रोड्यूसर, वकील, बिजनेसमैन आदि की नकली प्रोफाइल बनाकर 500 से अधिक महिलाओं को धोखा दे चुका है। निजी कंटेंट को वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं से लगभग दो करोड़ रुपये की ठगी की।
आरोपी के पास से बरामदगी: चार स्मार्टफोन, आठ सिम कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, चार सोने के ब्रेसलेट, पांच सोने की चेन बरामद किए गए। इस तरह के अपराधों में उसकी पहले भी दो बार संलिप्तता मिली है।
सात लाख की ठगी का मामला
दक्षिणी पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम जिले में एक पीड़िता की शिकायत पर बीएनएस की धारा 308/318(4)/319/340 के तहत एफआइआर दर्ज किया गया। पीड़िता ने शिकायत की थी कि 'वैभव अरोड़ा' के नाम से चल रही एक नकली इंस्टाग्राम प्रोफाइल के ज़रिए उससे लगभग सात लाख की ठगी की गई है।
शादी करने का वादा किया
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह शुरू में आरोपित से एक डेटिंग ऐप पर मिली थी, जहां उसने खुद को एक अच्छी तरह से बसा हुआ और सम्मानित व्यक्ति के तौर पर पेश किया था। उसका भरोसा जीतने के बाद, उसने बातचीत को इंस्टाग्राम पर और बाद में कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके वाट्सएप पर शिफ्ट कर दिया। आरोपित ने धीरे-धीरे पीड़ित के साथ एक भावनात्मक रिश्ता बना लिया और उससे शादी करने का वादा किया।

वित्तीय नुकसान की झूठी कहानियां गढ़ीं
अपनी धोखाधड़ी को और पुख्ता करने के लिए, उसने 'आनंद' नाम की एक और नकली पहचान बनाई, और दावा किया कि वह उसका करीबी दोस्त है जो शादी के प्रस्ताव के संबंध में परिवार की मुलाकात का इंतज़ाम करने में मदद करेगा। इसके बाद, आरोपित ने मेडिकल इमरजेंसी और व्यापार में वित्तीय नुकसान के बारे में झूठी कहानियां गढ़ीं और पीड़ित से आर्थिक मदद मांगी।
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संपर्क तोड़ने और पकड़े जाने से बचने की कोशिश
उसकी बातों पर विश्वास करके, पीड़िता ने आरोपित को लगभग सात लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपित ने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। बाद में, उसने वाट्सएप मैसेज के ज़रिए पीड़ित को झूठी जानकारी दी कि 'वैभव' नाम के व्यक्ति की मौत हो गई है, और इस तरह उसने हमेशा के लिए संपर्क तोड़ने और पकड़े जाने से बचने की कोशिश की।
सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की
अरोपित की गिरफ्तारी के लिए साइबर थाना एसएचओ प्रवेश कौशिक के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सोशल मीडिया अकाउंट, आइपी लॉग, मोबाइल नंबर और वित्तीय लेन-देन के रिकार्ड सहित डिजिटल फुटप्रिंट्स का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान, कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई और उन पर विस्तृत तकनीकी निगरानी रखी गई।
आखिरकार चढ़ गया पुलिस के हत्थे
लगातार निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग से पता चला कि आरोपी से जुड़े दो मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल के 24 परगना क्षेत्र में सक्रिय थे। इसके आधार पर, पुलिस टीमों ने उस क्षेत्र में कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। लगातार निगरानी, लगातार फॉलो-अप और समन्वित फील्ड ऑपरेशन्स के बाद, आरोपी आनंद कुमार को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया।
बार-बार मोबाइल बदला
उसके डिजिटल उपकरणों की जांच करने पर पता चला कि आरोपित एक ही समय में कई फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा था और भारत के अलग-अलग राज्यों में कई पीड़ितों के साथ संपर्क बनाए हुए था। आरोपित ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बहुत ही चालाक तरीके अपनाए थे, जिनमें अलग-अलग पहचान पर जारी किए गए कई सिम कार्डों का इस्तेमाल करना और बार-बार मोबाइल बदलना शामिल था।
आरोपी का प्रोफाइल
आनंद कुमार, निवासी 24 परगना उत्तर, पश्चिम बंगाल, उम्र 35 वर्ष, एक आदतन साइबर अपराधी है जो रोमांस स्कैम, हनी-ट्रैपिंग और ऑनलाइन उगाही में शामिल है।
वह फर्जी सोशल मीडिया और डेटिंग/मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के ज़रिए केवल महिला पीड़ितों को निशाना बनाता है।
उसने वैभव अरोड़ा, डॉ. रोहित बहल, तरुण, आनंद शर्मा और शिखा जैसी कई फर्जी पहचानें बनाईं और पीड़ितों को धोखा देने के लिए एक ही समय में कई वाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट्स चलाए।
उसने भारत के अलग-अलग राज्यों में 500 से ज़्यादा पीड़ितों को निशाना बनाया और उनसे लगभग दो करोड़ की ठगी की। दिल्ली और गाजियाबाद में इसी तरह के साइबर अपराध के मामलों में उसकी पहले भी दो बार संलिप्तता रही है।
काम करने का तरीका
आरोपित ने वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर, और कई डेटिंग और मैट्रिमोनियल एप पर फर्जी प्रोफाइल बनाए। वह संभावित पीड़ितों, मुख्य रूप से महिलाओं को सावधानी से चुनता था, और खुद को एक पेशेवर, जैसे डॉक्टर, व्यवसायी, वकील या फिल्म निर्माता के रूप में पेश करके बातचीत शुरू करता था। वह धीरे-धीरे भावनात्मक विश्वास बनाता था और लंबे समय तक पीड़ितों के साथ वर्चुअल रिश्ते स्थापित करता था।
तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने की धमकी
पीड़ितों का भरोसा जीतने के बाद, वह रुपये मांगने के लिए वित्तीय संकट, मेडिकल इमरजेंसी, व्यापार में नुकसान या परिवार की तत्काल ज़रूरतों जैसी झूठी स्थितियां बनाता था। कई मामलों में, वह पीड़ितों को लुभाने के लिए शादी या पेशेवर अवसरों, जैसे मॉडलिंग असाइनमेंट या प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दाखिले का वादा करता था। आरोपित ऑनलाइन बातचीत के दौरान पीड़ितों द्वारा साझा की गई निजी तस्वीरें और वीडियो भी जमा कर लेता था और बाद में इन सामग्रियों का इस्तेमाल करके पीड़ितों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देता था।
500 महिलाओं को बनाया शिकार
अपनी पहचान छिपाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए उसने कई मोबाइल फोन, अलग-अलग पहचानों पर जारी किए गए सिम कार्ड और कई नकली खातों का इस्तेमाल किया। जब्त किए गए उपकरणों के तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि आरोपित ने अपने नकली सोशल मीडिया और डेटिंग या मैट्रिमोनियल ऐप खातों के ज़रिए लगभग 500 पीड़ितों को निशाना बनाया था। ठगी से मिले रुपये का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग और निजी खर्चों पर खर्च किया गया पाया गया।
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