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    DDA का बड़ा फैसला, 17 अगस्त से 'समस्या निदान सेवा' पोर्टल बंद; दिल्ली में अब '311 App' से हल होंगी शिकायतें

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 10:29 PM (IST)

    दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अपनी 'समस्या निदान सेवा' पोर्टल को बंद कर दिया है, अब सभी शिकायतें केवल 'डीडीए 311 ऐप' पर ही दर्ज की जाएंगी। ...और पढ़ें

    अब सिर्फ डीडीए 311 एप से की जा सकेंगी शिकायत। फोटो: आर्काइव

    अब सिर्फ डीडीए 311 एप से की जा सकेंगी शिकायत। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. 'समस्या निदान सेवा' पोर्टल अब पूरी तरह बंद

    2. सभी शिकायतें केवल 'डीडीए 311 ऐप' पर दर्ज होंगी

    3. जवाबदेही बढ़ाने के लिए ऐप में नए फीचर्स जोड़े गए

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अगर आप दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के किसी फ्लैट, पार्क, अवैध कब्जे या रखरखाव की शिकायत दर्ज कराने के लिए ‘समस्या निदान सेवा’ का इस्तेमाल करते रहे हैं, तो 17 अगस्त से यह तरीका बदलने वाला है।

    डीडीए ने ‘समस्या निदान सेवा’ पोर्टल को पूरी तरह बंद कर ‘डीडीए 311 ऐप’ को एकल-खिड़की व्यवस्था बनाने का फैसला लिया है।

    दो पोर्टल होने से बढ़ रही थी परेशानी

    वरिष्ठ डीडीए अधिकारियों के मुताबिक ‘समस्या निदान सेवा’ और ‘311 ऐप’ दोनों पर एक ही तरह की शिकायतें बार-बार दर्ज हो रही थीं। इस दोहरेपन के कारण अधिकारियों को दो अलग-अलग डेटाबेस को अपडेट करना पड़ता था और कार्रवाई में देरी होती थी।

    वहीं, आम नागरिकों का अनुभव भी इस व्यवस्था को लेकर अच्छा नहीं रहा है। द्वारका सेक्टर-12 निवासी रमेश त्यागी बताते हैं,

    छह माह पहले पार्क की चहारदीवारी टूटने की शिकायत ‘समस्या निदान सेवा’ पर दर्ज कराई थी। तीन हफ्ते तक ‘प्रक्रियाधीन’ दिखा और फिर बिना काम हुए मामला ‘हल किया गया’ दर्शा दिया गया।

    जब दो व्यवस्थाएं होती हैं तो अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते हैं। एक ही एकीकृत मंच होना बेहतर है, बशर्ते उस पर जवाबदेही तय हो।

    नागरिकों की बड़ी शिकायत यह रही है कि शिकायत दर्ज तो हो जाती है, पर निस्तारण केवल कागजों पर दिखता है।

    फोटो और लोकेशन के साथ दर्ज होगी शिकायत

    नए बदलाव के तहत डीडीए का दावा है कि ‘डीडीए 311 ऐप’ में भौगोलिक-स्थान और तस्वीर अपलोड करने जैसी वास्तविक समय की सुविधाएं हैं। इसमें शिकायतकर्ता काम पूरा होने के बाद की तस्वीर देख सकेंगे।

    इसके अलावा, अलग-अलग शिकायतों जैसे सफाई, टूटी सड़क और अवैध निर्माण के समाधान के लिए निश्चित समयसीमा तय की जा रही है। साथ ही, एलजी लिसनिंग पोस्ट और केंद्रीय शिकायत प्रणाली से इसका डेटा जुड़ा रहेगा, जिससे ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर सीधी निगरानी रखी जा सकेगी।

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    सोमवार और गुरुवार को अधिकारियों से सीधे मिल सकेंगे लोग

    डीडीए अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा बिना किसी पूर्व समय के हर सोमवार और गुरुवार को डीडीए मुख्यालय (विकास सदन) या क्षेत्रीय कार्यालयों में जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे भी मिला जा सकता है।

    टोल-फ्री नंबर 1800110332 पर फोन करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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