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    इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर ग्रीन स्टार्टअप का हब बनेगी राजधानी, नई EV Policy पर बोलीं CM रेखा गुप्ता

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 05:43 AM (IST)

    दिल्ली ईवी नीति-2026 का लक्ष्य राजधानी को इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर हरित रोजगार और तकनीक-आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता।

    HighLights

    1. दिल्ली ईवी नीति 2026 से हरित रोजगार सृजन होगा।

    2. चार्जिंग पॉइंट 9 हजार से 32 हजार तक बढ़ाए जाएंगे।

    3. 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

    संतोष कुमार सिंह/वीके शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली ईवी नीति-2026से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही राजधानी को हरित रोजगार और नई तकनीक आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की भी तैयारी है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह इस ईवी नीति को दिल्ली के भविष्य की नीति मानती हैं। स्वच्छ हवा, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों का बढ़ता परिवहन खर्च राजधानी की प्रमुख चुनौतियां हैं।

    इस नीति में इनका एकसाथ समाधान निकालने का प्रयास किया गया है। जब नई तकनीक के कारण रोजगार सृजित होंगे तब इसका सीधा लाभ दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मिलेगा, इसलिए यह ईवी नीति प्रदूषण कम करने की योजना के साथ ही आर्थिक बदलाव की भी मजबूत रणनीति है।

    साफ हवा भी, और मजबूत अर्थव्यवस्था भी

    दैनिक जागरण के साथ विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच स्पष्ट है कि साफ हवा भी चाहिए और मजबूत अर्थव्यवस्था भी। इस नीति में दोनों का ध्यान रखा गया है। स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में दिल्ली पूरे देश के समक्ष एक उदाहरण पेश करेगी।

    इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ने के साथ ही चार्जिंग स्टेशन, बैटरी प्रबंधन, वाहन सर्विसिंग, डिजिटल सेवाएं, साफ्टवेयर, लाजिस्टिक्स और कौशल प्रशिक्षण जैसे कई क्षेत्रों में नए रोजगार सृजित होंगे।

    बड़े उद्योगों के साथ ही छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए भी नए अवसर उपलब्ध होंगे। इससे आने वाले वर्षों में दिल्ली हरित रोजगार और नई तकनीक आधारित स्टार्टअप्स का एक प्रमुख केंद्र बनेगी।

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    मुख्यमंत्री ने कहा कि ईवी नीति में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया है। अभी दिल्ली में लगभग नौ हजार सार्वजनिक चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध हैं। अगले चार वर्षों में इसे बढ़ाकर 32 हजार तक ले जाने का लक्ष्य है।

    चार्जिंग सुविधा लोगों के जितना करीब होगी, उतना ही लोग ईवी को अपनाएंगे, इसलिए चार्जिंग की सुविधा सिर्फ मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी। मेट्रो स्टेशन, बाजार, सरकारी भवन, आवासीय सोसायटी, आरडब्ल्यूए, वाहन डीलरशिप और सार्वजनिक स्थान हर जगह इसे विकसित किया जाएगा।

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    Rekha Gupta

    ईवी नीति के अंतर्गत दिल्ली सरकार ने अगले चार वर्षों में लगभग15 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही है। रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली के भविष्य के लिए होने वाला दीर्घकालिक निवेश बताया। उन्होंने कहा कि एक-डेढ़ साल तक पूरी वित्तीय योजना बनाकर यह नीति तैयार की गई है।

    साफ परिवहन पर निवेश से घटेगा स्वास्थ्य का खर्च

    इंसेंटिव, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी व्यवस्था और ईवी बैट्री निस्तारण सहित सभी कार्य के लिए चरणबद्ध वित्तीय प्रविधान किया गया है। इस नीति को सफल बनाने में केंद्र सरकार की योजनाओं, विशेषकर पीएम ई-ड्राइव जैसी पहल का भी पूरा लाभ लिया जाएगा।

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    सबसे अधिक निवेश चार्जिंग नेटवर्क, खरीद प्रोत्साहन, स्क्रैपिंग इंसेंटिव और पूरी ईवी व्यवस्था को मजबूत बनाने में होगा। अगर आज हम स्वच्छ परिवहन में निवेश करेंगे तो कल स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च घटेगा, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटेगी और लोगों की बचत बढ़ेगी।

    कुछ निवेश ऐसे होते हैं, जिनका लाभ केवल बजट में ही नहीं, आने वाली पीढ़ियों के जीवन में भी दिखाई देता है, यह उसी तरह का निवेश है।

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