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    दिल्ली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 12 किए गिरफ्तार; बेचते थे फर्जी रोडसाइड असिस्टेंस पॉलिसी

    Updated: Tue, 07 Apr 2026 09:55 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली पुलिस ने गुरु अर्जुन नगर में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह सेंटर 'आरडी सर्विसेस' के नाम पर नकली रोडसाइड असिस्टेंस पॉलिसी बेचकर लोग ...और पढ़ें

    'आरडी सर्विसेस' नाम से फर्जी रोडसाइड असिस्टेंस पॉलिसी बेचकर लोगों से ठगी की जा रही थी।

    'आरडी सर्विसेस' नाम से फर्जी रोडसाइड असिस्टेंस पॉलिसी बेचकर लोगों से ठगी की जा रही थी। 

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने गुरु अर्जुन नगर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया। इस सेंटर के जरिए आरोपी लोग 'आरडी सर्विसेस' नाम से फर्जी रोडसाइड असिस्टेंस पॉलिसी बेचकर लोगों से ठगी की जा रही थी। 

    जानकारी के मुताबिक, 4 अप्रैल को रणजीत नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गुरु अर्जुन नगर स्थित रतन लाल कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की गई थी। इस दौरान दो मालिकों समेत 10 टेली-कॉलर्स को गिरफ्तार किया गया था। कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस सेंटर के प्रोपराइटर पांडव नगर निवासी सौरभ (28 वर्ष) और शादीपुर निवासी शाहनवाज (28 वर्ष) हैं।

    पकड़े गए टेली-कॉलर्स

    • अंजलि (25), बालजीत नगर
    • काशिश (21), न्यू रणजीत नगर
    • रजनी (20), सकुरबस्ती
    • गनमान (21), रणजीत नगर
    • पूजा (30), प्रेम नगर
    • कविता (26), बालजीत नगर
    • मंजू (20), बालजीत नगर
    • रक्षा (22), इंदरलोक
    • इमरान (20), इंदरलोक
    • अनु (29), करोल बाग

    ठगी का तरीका

    आरोपी लोगों को फोन पर कॉल करके बताते थे कि उनके वाहन में कहीं भी पंचर, ब्रेकडाउन या किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद मिलेगी। विश्वास दिलाने के लिए कैश ऑन डिलीवरी (COD) का ऑफर देते और तीन से चार हजार रुपये में प्लास्टिक पॉलिसी कार्ड घर पर डिलीवर करने का वादा करते। लेकिन पैसे लेने के बाद हेल्पलाइन नंबर (कीपैड मोबाइल) पर कॉल करने पर कोई जवाब नहीं मिलता और न ही कोई सहायता दी जाती।यह फर्जी सेंटर पिछले 6 महीने से सक्रिय था। आरोपी लोगों के पास न तो कोई लाइसेंस था और न ही वैध रजिस्ट्रेशन।

    बरामदगी

    • एक कंप्यूटर सिस्टम
    • फर्जी प्लास्टिक पॉलिसी कार्ड
    • ग्राहकों का डेटा
    • कॉलिंग के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन
    • अटेंडेंस रजिस्टर

    सभी आरोपी और बरामद सामान को रणजीत नगर पुलिस को सौंप दिया गया है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि पूछताछ में आरोपी और भी महत्वपूर्ण खुलासे कर सकते हैं। इस तरह की फर्जी रोडसाइड असिस्टेंस स्कीम से आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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