5 महीने, 45 मौतें... 2026 में दिल्ली कैसे बनी 'अग्निकांड की राजधानी'? मार्च में सबसे अधिक घटनाएं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 2026 में अब तक आग की घटनाओं में 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें मार्च सबसे घातक महीना रहा। बढ़ते तापमान के साथ आग लगने ...और पढ़ें

2026 में अब तक आग की घटनाओं में 45 मौतें।
HighLights
2026 में दिल्ली में आग से 45 लोगों की मौत।
मार्च महीना रहा सबसे घातक, 15 लोगों ने जान गंवाई।
बढ़ते तापमान से आग की घटनाओं में भारी वृद्धि।
पीटीआई, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल आग की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से 27 मई 2026 तक आग से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें मई महीने के पहले 27 दिनों में ही 13 लोगों ने जान गंवाई।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल के बीच आग की घटनाओं में 32 लोगों की मौत हुई थी, जबकि मई में 13 और मौतें दर्ज की गईं। इस तरह वर्ष 2026 में अब तक कुल 45 लोगों की जान आग की घटनाओं में जा चुकी है।
मार्च में सबसे ज्यादा गईं जानें
दिल्ली फायर सर्विस के रिकॉर्ड बताते हैं कि मार्च इस साल का सबसे घातक महीना रहा। इस महीने आग से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई। वहीं जनवरी और फरवरी में 6-6 लोगों की जान गई, जबकि अप्रैल में 5 मौतें दर्ज की गईं।
गर्मी बढ़ने के साथ बढ़ीं आग की घटनाएं
राजधानी में तापमान बढ़ने के साथ आग लगने की घटनाओं में भी तेजी देखी गई। जनवरी में फायर सर्विस को 1,396 कॉल मिली थीं। फरवरी में यह संख्या 1,096 रही, जबकि मार्च में 1,538 और अप्रैल में बढ़कर 2,663 हो गई।
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मई में हालात और गंभीर नजर आए। 26 मई तक ही विभाग को 2,877 आग से संबंधित कॉल प्राप्त हो चुकी थीं, जो अप्रैल के पूरे महीने के आंकड़े से भी अधिक हैं।
सैकड़ों लोगों को बचाया गया
आग की घटनाओं में केवल मौतें ही नहीं हुईं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को बचाया भी गया। जनवरी में 41, फरवरी में 46, मार्च में 68 और अप्रैल में 119 लोगों को घायल अवस्था में निकाला गया या सुरक्षित बचाया गया।
मई में 26 तारीख तक 99 लोगों को रेस्क्यू किया गया या उन्हें चोटों के साथ अस्पताल पहुंचाया गया।
कूड़े में लगने वाली आग भी बड़ी चुनौती
दिल्ली में कूड़े और खुले स्थानों पर लगने वाली आग भी बड़ी समस्या बनी हुई है। जनवरी में ऐसे 441 मामले सामने आए, फरवरी में 331, मार्च में 539 और अप्रैल में 725 घटनाएं दर्ज की गईं।

मई में 26 तारीख तक ही फायर सर्विस को कूड़े में आग लगने की 766 शिकायतों पर कार्रवाई करनी पड़ी।
क्यों बढ़ रही हैं आग की घटनाएं?
फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों में बढ़ता तापमान और शुष्क मौसम आग लगने की घटनाओं को बढ़ावा देता है। खुले क्षेत्रों, कूड़े के ढेरों और अधिक बिजली खपत वाले प्रतिष्ठानों में आग लगने का खतरा इस दौरान काफी बढ़ जाता है।
हालांकि मई में आग से संबंधित कॉल और बचाव अभियान बढ़े, लेकिन मौतों का आंकड़ा मार्च के मुकाबले कम रहा। इसके बावजूद बढ़ती घटनाएं राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
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