विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जनकपुरी स्कूल में 3 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी केयरटेकर को जमानत पर नोटिस जारी किया

Published: Mon, 18 May 2026 09:13 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने जनकपुरी के एक निजी स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को मिली जमानत पर दिल्ली पुलिस की अपील पर नोटिस जारी किया है।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त साॅलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत से कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त साॅलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत से कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।

HighLights

  1. दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी केयरटेकर की जमानत पर नोटिस भेजा।

  2. तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने चुनौती दी।

  3. जनकपुरी स्कूल के केयरटेकर को मिली जमानत पर सुनवाई।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपित को मिली जमानत को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दायर अपील पर आरोपित को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने ये नोटिस जारी किया। पुलिस ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत आरोपित को सात मई को जमानत दे दी गई थी, मामला पाॅक्सो से जुड़ा है।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त साॅलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत से कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध का आरोप है, जिसमें न्यूनतम 20 वर्ष की सजा का प्रविधान है, लेकिन गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद उसे जमानत दे दी गई। एएसजे राजू ने दलील दी कि तीन वर्षीय बच्ची ने आरोपित की पहचान की है। इसके बावजूद सात दिन के अंदर जमानत मिलना गंभीर चिंता का विषय है।

पीड़िता की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि जमानत आदेश के खिलाफ उनकी ओर से भी अलग याचिका दाखिल की गई है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है। हाई कोर्ट ने मामले को 29 मई के लिए सूचीबद्ध करते हुए आरोपित से जवाब मांगा है। मामला एक मई को सामने आया था, जब बच्ची की मां ने जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार बच्ची 30 अप्रैल को, दाखिले के दूसरे दिन स्कूल गई थी। घर लौटने पर उसने दर्द की शिकायत की। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि स्कूल परिसर के एक सुनसान हिस्से में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया गया।

मां की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1) और पाक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत मामला दर्ज किया था। धारा छह के तहत दोष सिद्ध होने पर न्यूनतम 20 वर्ष के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास अथवा मृत्युदंड तक का प्रविधान है। पुलिस के अनुसार बच्ची ने आरोपित की पहचान की थी।

इसके बाद स्कूल के केयरटेकर ललित कुमार को एक मई को गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। हालांकि, अभियोजन के विरोध के बावजूद द्वारका की जिला अदालत ने सात मई को आरोपित को जमानत दे दी थी। मामले में एक महिला शिक्षक को भी गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़ें- सस्ता विदेशी माल, महंगे ब्रांड का ठप्पा... दिल्ली में चल रहे नकली बेयरिंग के बड़े 'खेल' का भंडाफोड़

यह भी पढ़ें- दिल्ली HC ने विनेश फोगाट की याचिका पर WFI को जारी किया नोटिस, तत्काल राहत देने से कोर्ट का इनकार

यह भी पढ़ें- दिल्ली पुलिस ने जहरा गैंग के एक्टिव शूटर को गिरफ्तार किया, पिस्टल और कारतूस बरामद