127 MM बारिश से टूटा दिल्ली में 16 साल का रिकॉर्ड, पेड़-मकान गिरने से लेकर जलभराव तक; आज भी अलर्ट
दिल्ली में शुक्रवार को इस सीजन की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे मकान गिरने और जलभराव की कई घटनाएं हुईं। भारी बारिश के कारण यातायात व्यवस्था बुरी त ...और पढ़ें

पहाड़गंज मुल्तानी ढांडा के पास मुख्य पार्क पर वर्षा से हुआ जल भराव। हरीश कुमार
HighLights
दिल्ली में शुक्रवार को सीजन की सबसे भारी बारिश हुई।
मकान गिरने, पेड़ उखड़ने और जलभराव की घटनाएं हुईं।
यातायात बुरी तरह प्रभावित, शनिवार को भी बारिश का अलर्ट।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के कई हिस्सों में शुक्रवार को इस सीजन का सबसे अधिक बारिश वाला दिन दर्ज किया गया। इस बीच शहर में मकान और दीवार गिरने की नौ घटनाएं सामने आईं, जबकि कम से कम 16 पेड़ गिरने की भी सूचना मिली। वहीं, एमसीडी को तीन तो एनडीएमसी को 15 स्थानों पर जलभराव की शिकायत मिली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को भी और बारिश होने की संभावना जताई है। बीते सात दिनों में 127 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसने अगस्त माह में हुई बारिश के बीते 16 साल सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
एनडीएमसी को पांच शिकायतें मिलीं
राजधानी दिल्ली में वर्षा के कारण एमसीडी कंट्रोल रूम को मात्र तीन स्थानों पर वर्षा के बाद जलभराव की शिकायतें मिली। जबकि एनडीएमसी को 15 स्थानों पर शिकायतें मिली। इसके अलावा एमसीडी को चार स्थानों पर पेड़ व उसके हिस्से गिरने की शिकायतें मिली जबकि एनडीएमसी को पांच शिकायतें मिली।

पानी 30 मिनट के भीतर निकल गया
एमसीडी के अनुसार, गदाईपुर, कर्मपुरा, करोल बाग के एक्ससिस बैंक के पास जलभराव की शिकायत आई। जबकि संत नगर ईस्ट आफ कैलाश में पेड़ व उसके हिस्से गिरने की शिकायत आई। इसके साथ ही सरिता विहार, मादीपुर और मल्का गंज में पेड़ व उसके हिस्से गिरने की शिकायत आई।
एनडीएमसी की बात करें तो 15 स्थानों पर उसे जलभराव की शिकायत मिली लेकिन पानी 30 मिनट के भीतर निकल गया। जबकि लेडी हार्डिंग, यशवंत पैलेस, आरएमएल अस्पताल और जाम नगर हाउस के पास पेड़ व उसके हिस्से गिरने की सूचना मिली। हालांकि, नानकपुरा में एक पेड़ गिरने से दीवार भी ढह गई। पेड़ पार्क में था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुई।
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यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित
बता दें कि दिल्ली के कई हिस्सों में शुक्रवार को इस सीजन का सबसे अधिक बारिश वाला दिन दर्ज किया गया। राजधानी में लगातार चौथे दिन हुई बारिश ने शहर के बुनियादी ढांचे की सच्चाई सबके सामने आ गई। दक्षिण और मध्य दिल्ली समेत कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।

शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सात दिनों के दौरान 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह कम से कम पिछले 16 वर्षों में अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सबसे अधिक बारिश है। शुक्रवार रात 8:30 बजे तक पिछले 12 घंटों में ही 77.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

गुरुग्राम में भी भारी बारिश के बाद यातायात व्यवस्था चरमरा गई। एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख सड़कों पर लोग घंटों जाम में फंसे रहे। यात्रियों ने डीएनडी फ्लाईवे पर भी करीब दो घंटे तक फंसे रहने की जानकारी दी। एमबी रोड पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जबकि ओखला अंडरपास भी जलमग्न हो गया।
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