चिमनी बना होटल, दम घुटने पर खिड़कियों से कूदने लगे लोग; मालवीय नगर में कैसे मौत बनकर फैली बेसमेंट की आग?
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हुए। आग बेसमेंट के रेस्तरां से शुरू हुई और इमारत की ...और पढ़ें

दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। फोटो: पीटीआई
HighLights
मालवीय नगर होटल आग में 21 लोगों की दुखद मौत
बेसमेंट रेस्तरां से शुरू हुई आग, इमारत बनी चिमनी
जान बचाने को लोगों ने खिड़कियों से लगाई छलांग
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे बीएंडबी होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया। बेसमेंट में संचालित रेस्तरां से शुरू हुई आग कुछ ही मिनटों में पूरे भवन में फैल गई।
जिससे कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस), पुलिस, डीडीएमए और एंबुलेंस सेवाओं ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सुबह करीब 8:50 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली।
शुरुआती तौर पर सात दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधन तैनात करने पड़े। बचाव दल ने होटल और रेस्तरां परिसर से लोगों को बाहर निकाला, जबकि 33 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया।

बेसमेंट से शुरू हुई तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों और रेस्तरां कर्मचारियों के अनुसार आग बेसमेंट में स्थित रेस्तरां में लगी। वहां मौजूद कर्मचारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक चूल्हा चालू करते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। कुछ ही देर में पूरे बेसमेंट में धुआं भर गया और आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई।
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अधिकारियों के मुताबिक इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। पूरे भवन में ऊपर-नीचे जाने के लिए केवल एक सीढ़ी और एक लिफ्ट थी। घना धुआं सीढ़ियों में भर जाने से होटल में ठहरे लोग अंदर ही फंस गए।
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'चिमनी' बन गई इमारत, नहीं मिला बचने का मौका
दमकल अधिकारियों का कहना है कि भवन की संरचना ने आग को और घातक बना दिया। इमारत की अधिकांश खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और कई जगहों पर वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
अधिकारियों के अनुसार आग लगने के बाद पूरा ढांचा चिमनी की तरह काम करने लगा, जिससे गर्मी और धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया। इस कारण कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय तक नहीं मिला और वे कमरों में ही फंस गए।
जान बचाने को खिड़कियों से लगाई छलांग
जब आग और धुआं लगातार बढ़ता गया तो ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों ने बचने के लिए खिड़कियों से कूदना शुरू कर दिया। स्थानीय निवासी वसीम राज ने बताया कि आसपास के लोगों ने सड़क किनारे एक गद्दे की दुकान से गद्दे लाकर सड़क पर बिछा दिए, ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों की जान बचाई जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई लोग एक-एक कर ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदे। कुछ लोगों को गंभीर चोटें आईं, जबकि कई की जान स्थानीय लोगों की तत्परता से बच गई।
बेसमेंट से 8 लोगों को जिंदा निकाला गया
दमकल विभाग ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घने धुएं और तेज गर्मी के बीच चलाया गया यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। राहत दलों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और पूरे भवन को खाली कराया।

विदेशी नागरिक भी मृतकों में शामिल
मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इनमें पश्चिम एशियाई और अफ्रीकी देशों के नागरिक शामिल हैं, जो होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया में जुटी है।
अस्पताल के अनुसार अस्पताल लाए गए कई मरीजों की हालत गंभीर है। कुछ मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अधिकांश पीड़ित धुएं के कारण दम घुटने, जलने और गिरने से लगी चोटों से प्रभावित हुए हैं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू
आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट को संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि अधिकारी सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। घटना के बाद भवन की अनुमति, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (एनओसी) और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की जा रही है।
प्रधानमंत्री से लेकर दिल्ली सरकार तक ने जताया दुख
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। दिल्ली सरकार ने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और घटना की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
उच्चस्तरीय जांच का आदेश, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। महापौर ने निगमायुक्त को पत्र लिखकर तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।