Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    महरौली-बदरपुर रोड पर 6-लेन एलिवेटेड रोड मंजूर, 1471 करोड़ की लागत से साकेत से पुल-प्रहलादपुर तक सुधरेगा ट्रैफिक

    Updated: Fri, 27 Mar 2026 10:06 PM (IST)

    दिल्ली में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने महरौली-बदरपुर रोड पर 1,471 करोड़ रुपये के छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट द ...और पढ़ें

    पीडब्ल्यूडी ने महरौली-बदरपुर रोड पर 1,471 करोड़ रुपये की लागत से छह-लेन वाला एलिवेटेड करिडोर और अंडरपास बनाने के लिए दिल्ली मेट्रो को काम सौंपा है।

    पीडब्ल्यूडी ने महरौली-बदरपुर रोड पर 1,471 करोड़ रुपये की लागत से छह-लेन वाला एलिवेटेड करिडोर और अंडरपास बनाने के लिए दिल्ली मेट्रो को काम सौंपा है।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने की दिशा में कई इंटीग्रेटेड करिडोर को राज्य सरकार की ओर से बजट मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने एमबी रोड पर छह लेन के एलिवेटेड प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि पीडब्ल्यूडी ने महरौली-बदरपुर रोड पर 1,471 करोड़ रुपये की लागत से छह-लेन वाला एलिवेटेड करिडोर और अंडरपास बनाने के लिए दिल्ली मेट्रो को काम सौंपा है, जो दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा।

    इन रास्तों से गुजरना होगा आसान

    पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने कहा कि मौजूदा सड़क की क्षमता ट्रैफिक की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस प्रोजेक्ट का मकसद ट्रैफिक का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करना, यात्रियों का समय बचाना, ट्रैफिक जाम से बचना और ईंधन की बचत करना है। उन्होंने बताया कि यह मुख्य सड़क दक्षिण दिल्ली में पुल-प्रहलादपुर, लालकुआं, संगम विहार, खानपुर गांव और साकेत जैसी कई रिहायशी काॅलोनियों और मिश्रित भूमि उपयोग वाले इलाकों से जुड़ी हुई है।

    ट्री ट्रांस्प्लांटेशन के लिए 3.69 करोड़ रुपये निर्धारित

    सड़क पर भारी मात्रा में पार्किंग होती है, जिससे इन इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ तालमेल बिठाकर बनाया जा रहा है। योजना के अनुसार डीएमआरसी इसे 1,471.14 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर पूरा करेगा। इसमें पेड़ों को दूसरी जगह लगाने (ट्री ट्रांस्प्लांटेशन) पर होने वाले 3.69 करोड़ रुपये का खर्च भी शामिल है। योजना के प्रस्ताव में दो जगहों पर एलिवेटेड सड़क बनाने की बात कही गई है, पहला एलिवेटेड कॉरिडोर साकेत-जी ब्लाॅक से संगम विहार तक और दूसरा कॉरिडोर मां आनंदमयी मार्ग से पुल-प्रहलादपुर तक बनाया जाएगा।

    एक नई सड़क बनाने की भी है योजना

    पीडब्ल्यूडी के लिए इंटीग्रेटेड एलिवेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर, अंडरपास, सबवे और एक सुरंग की डिजाइन से लेकर निर्माण का कार्य डीएमआरसी करेगा। दूसरे चरण में मां आनंदमयी मार्ग से पुल-प्रहलादपुर तक दिल्ली मेट्रो की सुरंग के ऊपर, लगभग 2.48 किलोमीटर लंबा छह-लेन वाला एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी मेट्रो के वायडक्ट (ऊपरी ढांचे) के नीचे से मां आनंदमयी मार्ग को हरकेश नगर मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली एक नई सड़क बनाने की भी योजना बना रहा है। इसके लिए भी एक 'फिजिबिलिटी स्टडी' (संभाव्यता अध्ययन) को मंज़ूरी दे दी गई है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- थिएटर और संस्कृति को बढ़ावा देगी दिल्ली मेट्रो, DMRC और NSD ने जागरूकता बढ़ाने के लिए किया एमओयू

    यह भी पढ़ें- दिल्ली मेट्रो बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्वचालित नेटवर्क: जानें विस्तार और भविष्य

    यह भी पढ़ें- दिल्ली मेट्रो: पिंक और मैजेंटा लाइन के नए कॉरिडोर रविवार से शुरू, PM मोदी करेंगे उद्घाटन