Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार पुलिसकर्मी को राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी जमानत

    Updated: Sat, 11 Apr 2026 07:12 AM (IST)

    राउज एवेन्यू कोर्ट ने रिश्वत मांगने के मामले में आरोपित पुलिसकर्मी राजेश कुमार को जमानत दे दी है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अतुल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि ...और पढ़ें

    रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार पुलिसकर्मी को मिली जमानत। फाइल फोटो

    रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार पुलिसकर्मी को मिली जमानत। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पुलिसकर्मी राजेश कुमार को रिश्वत मामले में जमानत मिली।

    2. न्यायाधीश ने 30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी।

    3. जांच में सहयोग और साक्ष्य न बदलने की शर्त।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने रिश्वत मांगने से जुड़े मामले में आरोपित पुलिसकर्मी राजेश कुमार को जमानत दे दी है।

    विशेष सीबीआई न्यायाधीश अतुल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि ट्रैप मामलों में जांच आमतौर पर कम समय में पूरी हो जाती है और साक्ष्य अधिकतर दस्तावेजी होते हैं। आरोपित पहले ही 20 दिनों से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है, ऐसे में उसकी आगे की हिरासत जरूरी नहीं लगती।

    अदालत ने 30 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानती पर राजेश कुमार को जमानत दे दी। साथ ही शर्त रखी कि वह जांच में सहयोग करेगा, साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेगा।

    यह मामला दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में तैनात बीट स्टाफ से जुड़े रिश्वत मांगने के आरोपों का है। मामले के अनुसार, सीबीआइ ने 13 मार्च 2026 को एक शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी।

    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपित पुलिसकर्मी अजोय कुमार और राजेश कुमार उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे और रुपये न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। शिकायत के बाद सीबीआइ ने सत्यापन किया, जिसमें प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।

    रंगे हाथों पकड़ा

    इसके बाद सीबीआइ ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए सह-आरोपित अजोय कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी का दावा है कि यह रकम दोनों आरोपितों के लिए ली जा रही थी।

    खबरें और भी

    जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपित राजेश कुमार की ओर से दलील दी गई कि शिकायतकर्ता खुद अवैध सट्टा कारोबार में शामिल था और कार्रवाई से बचने के लिए उसे झूठा फंसाया गया है। यह भी तर्क दिया गया कि उसके पास से कोई रिश्वत की राशि बरामद नहीं हुई है।

    सीबीआइ ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आरोपित की भूमिका साजिश में सामने आई है, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

    यह भी पढ़ें- रांची रेल मंडल रिश्वत कांड: गिरफ्तार मुख्य वाणिज्यिक पदाधिकारी की 'कुंडली' खंगाल रही CBI

    यह भी पढ़ें- आईटीआई कॉलेज मऊरानीपुर में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, अनुदेशक रेनू वर्मा 6 हजार रुपए लेते रंगे हाथ गिरफ्तार