Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'आपके पति ने भेजा है...', घर में घुसे बदमाशों ने गुड्डी को बांधकर पीटा; 45 लाख की लूट मामले में 5 गिरफ्तार

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 07:31 PM (IST)

    दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी में 45 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने राजस्थानी गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी हुए 80 प्रतिशत ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated

    सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated

    HighLights

    1. मैदानगढ़ी में 45 लाख की लूट के पांच आरोपी गिरफ्तार।

    2. चोरी हुए गहनों और नकदी का 80% हिस्सा बरामद।

    3. पीड़ित का रिश्तेदार पार्थवी सिंह मुख्य सूत्रधार निकला।

    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। मैदानगढ़ी थाना क्षेत्र स्थित हरगोविंद एन्क्लेव में 13 अप्रैल को हुई 45 लाख के गहने व नकदी लूट मामले में पुलिस ने राजस्थानी गिरोह के पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही टीम ने चोरी हुए सामान का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बरामद कर लिया गया है।

    आरोपितों में करौली-राजस्थान निवासी रणजीत सिंह, लक्ष्मीनारायण सिंह व पार्थवी सिंह एवं भरतपुर-राजस्थान निवासी रामकेश व रामकरण सिंह हैं। राजस्थान में सेंधमारी और चोरी के चार मामलों में आरोपितों की संलिप्तता मिली है। पार्थवी सिंह पीड़ित का रिश्तेदार है, जिसे पहले से घर के बारे में पूरी जानकारी थी।

    क्या है पूरा मामला?

    दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक 13 अप्रैल को मैदानगढ़ी थाने पर हरगोविंद एन्क्लेव में लूट की सूचना मिली। तीन आरोपित शिकायतकर्ता गुड्डी (35 वर्ष) के घर में यह कहकर घुसे कि उन्हें उसके पति ने भेजा है। घर में घुसते ही तीनों ने गुड्डी को पकड़कर उनका मुंद बांध दिया और डराने के लिए मारा-पीटा।

    आरोपित लगभग 45 लाख के गहने और नकदी लूट ली। अपराध करने के बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर मौके से फरार हो गए। बाद में उन्होंने खुद को आजाद कराया और शोर मचाया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज हुआ और उन्हें छुट्टी दे दी गई। एसएचओ मैदानगढ़ी के नेतृत्व में एसआइ रामावतार, नरेंद्र, एएसआइ मंजीत, हेड कांस्टेबल मनीष, राजेंद्र, राजवीर और कॉन्स्टेबल वसीम अकरम की टीम गठित की गई।

    खबरें और भी

    अलवर बस स्टैंड पर बांट लिया था लूटा सामान

    तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपित पार्थवी सिंह की पहचान हुई, जिसकी लोकेशन राजस्थान की ओर ट्रैक की गई। टीम ने अंतर-राज्यीय आपरेशन शुरू किया गया और 12 घंटे के भीतर तीन आरोपितों-पार्थवी सिंह, लक्ष्मीनारायण और रंजीत सिंह को भरतपुर, राजस्थान के खेतों से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि आरोपित पार्थवी सिंह, जो शिकायतकर्ता का रिश्तेदार था, को घर के बारे में पहले से जानकारी थी।

    लूटा हुआ सामान अलवर बस स्टैंड पर आपस में बांट लिया गया और सह-आरोपित रामकरण और सुरेंद्र को सौंप दिया गया। इसके बाद आरोपित रामकरण को चामुंडा माता मंदिर के पास के एक जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। चोरी की गई संपत्ति का कुछ हिस्सा उसके साथी रामकेश से बरामद कर लिया गया है। फरार आरोपित सुरेंद्र का हिस्सा, जिसे जंगल में छिपाकर रखा गया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है।

    पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपित सुरेंद्र अभी भी फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक चोरी की गई संपत्ति का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बरामद कर लिया गया है। शेष फरार चल रहे आरोपित सुरेंद्र की गिरफ्तारी के बाध मिलने की संभावना है।

    यह भी पढ़ें- मदनगीर में युवक की हत्या करने वाला बदमाश मनाली से गिरफ्तार, आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 14 FIR

    यह भी पढ़ें- वांटेड अपराधी काना दिल्ली पुलिस से मुठभेड़ में गिरफ्तार, चल रहा है हत्या का केस