दिल्ली-NCR में 1 अप्रैल से होंगे कई बड़े बदलाव, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर
दिल्ली-एनसीआर में 1 अप्रैल 2026 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में पेयजल 10% महंगा हुआ, जबकि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्ति ...और पढ़ें

दिल्ली-एनसीआर में 1 अप्रैल 2026 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं। इमेज एआई

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन यानी 1 अप्रैल 2026 से दिल्ली-एनसीआर में पेयजल, संपत्ति खरीद, बस सेवा और कचरा प्रबंधन समेत कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों, प्रॉपर्टी खरीदारों और व्यवसायियों की जेब पर पड़ेगा।
ग्रेटर नोएडा में 10% बढ़ा शुल्क
ग्रेटर नोएडा के निवासियों को आज से पेयजल के लिए 10 प्रतिशत अधिक शुल्क देना होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पेयजल दरों में हर वर्ष की तरह इस बार भी 10% की वृद्धि कर दी है।
60 वर्गमीटर के भूखंड वाले आवंटी को पिछले वित्त वर्ष में 2280 रुपये का शुल्क देना पड़ता था, अब यह बढ़कर 2508 रुपये हो जाएगा। इस बढ़ोतरी का असर आवासीय, औद्योगिक और सभी श्रेणी के भूखंडों पर पड़ेगा।
यीडा में संपत्ति खरीदना हुआ और महंगा
यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में आज से संपत्ति की खरीद-फरोख्त महंगी हो गई है। यीडा बोर्ड ने मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए सभी श्रेणी की आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है।
आवासीय संपत्ति की दर अब 1,260 रुपये प्रति वर्गमीटर बढ़कर 36,260 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई है। प्राधिकरण अब नई दरों पर ही संपत्ति का आवंटन करेगा।
पूरी खबर- यमुना प्राधिकरण में संपत्ति खरीदना हुई महंगी, आवंटन दरों में 3.58% की बढ़ोतरी
दिल्ली में क्लस्टर बस मॉडल पूरी तरह समाप्त
दिल्ली में 1 अप्रैल से क्लस्टर बस मॉडल समाप्त हो जाएगा। पीपीपी मॉडल पर चल रही 2887 क्लस्टर बसों का संचालन अब पूरी तरह दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) अपने हाथ में ले लेगी।
अधिकारियों का कहना है कि एक ही एजेंसी के संचालन से बसों के टाइम टेबल में सुधार होगा और यात्रियों को कम इंतजार करना पड़ेगा।
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MCD का कचरा संग्रहण सिस्टम बदला
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कूड़ा उठाने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। अब राजधानी के सभी वार्डों में एक दिन छोड़कर कचरा संग्रहण होगा। गीला कचरा: सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को उठाया जाएगा
सूखा कचरा: बाकी दिनों में संग्रहित किया जाएगा
नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के तहत कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और स्पेशल केयर को चार हिस्सों में अलग करना अनिवार्य होगा। निर्माण मलबे का वैज्ञानिक निपटान अनिवार्यवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 1 अप्रैल से निर्माण और तोड़फोड़ (C&D Waste) से निकलने वाले मलबे के वैज्ञानिक निपटान को अनिवार्य कर दिया है।
आयोग के निर्देश संख्या 97 का सख्ती से पालन किया जाएगा।ये सभी बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं, जो आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के दैनिक जीवन और खर्च दोनों पर असर डालेंगे।
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