दिल्ली में हाईटेक हुआ सट्टेबाजी का खेल, WhatsApp और Telegram से ऐसे चल रहा पूरा नेटवर्क
पश्चिमी दिल्ली में अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क अब हाईटेक हो गया है, जो पुलिस से बचने के लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम और किराये के बैंक खातों का उपयोग कर रहा ...और पढ़ें

इंदरपुरी थाना परिसर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर संचालित दो जुआ के अड्डों पर थाने की टीम को भनक तक नहीं लगी। एआई इमेज
HighLights
पश्चिमी दिल्ली में सट्टेबाजी नेटवर्क अब तकनीक आधारित।
व्हाट्सएप, टेलीग्राम, किराये के खातों का उपयोग।
पुलिस की निगरानी से बचने को मजबूत स्थानीय तंत्र।
मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी जिले में हाल कें दिनों में भंडाफोड़ किए गए कुछ अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क अब पहले से कहीं अधिक संगठित और तकनीक आधारित हो चुका है। जांच सामने आया है कि सट्टा संचालक अब अपने कारोबार को हाईटेक बना रहे है। पुलिस की निगरानी से बचने के लिए वाट्सएप, टेलीग्राम, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, साइबर अपाराधियों की तरह किराये के बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) और मजबूत स्थानीय निगरानी तंत्र का सहारा ले रहे हैं।
थाने की टीम को भनक तक नहीं लगी
दूसरी ओर, पुलिस के पास बीट स्टाफ, पीसीआर, ऑपरेशन सेल, स्पेशल स्टाफ, क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और आईज एंड ईयर्स जैसी बहुस्तरीय व्यवस्था है, इसके बावजूद यह नेटवर्क लगातार सक्रिय है।
इसका बड़ा उदाहरण ख्याला थाना और इंदरपुरी थाना परिसर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर संचालित दो जुआ के अड्डों पर थाने की टीम को भनक तक नहीं लगना और थाना पुलिस के बजाय ऑपरेशन सेल द्वारा कार्रवाई किया जाना है।
इसे लेकर जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी गंभीर हैं। इसका परिणाम है इन मामलों को लेकर जांच का आदेश दिया जाना हैं।
सूचना तुरंत अंदर पहुंचा देते
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक सट्टेबाज अब पुलिस की कार्यशैली को समझकर उसी के अनुरूप अपनी रणनीति बदल रहे हैं। किसी भी ठिकाने पर केवल पुराने और भरोसेमंद लोगों को ही प्रवेश मिलता है। बाहर तैनात सहयोगी हर आने-जाने वाले पर नजर रखते हैं और पुलिस या किसी अनजान व्यक्ति की मौजूदगी की सूचना तुरंत अंदर पहुंचा देते हैं।
बेहतर सूचना तंत्र विकसित करने की जरूरत
कई स्थानों पर मोबाइल फोन तक ले जाने की अनुमति नहीं होती, ताकि इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य तैयार न हो सकें और डिजिटल निगरानी से भी बचा जा सके। साथ ही इसे किराये के फ्लैट, बेसमेंट, बंद गोदाम या फार्महाउस में अस्थाई रूप से संचालित किया जाता है। सदस्य आपस में वाट्सएप, टेलीग्राम के माध्यम से जुड़े होते हैं और सही समय पर उन्हें स्थानी की जानकारी दी जाती है। इस पैटर्न को तोड़ने के लिए जरूरत है और बेहतर सूचना तंत्र विकसित करने की।
खबरें और भी
बैंक से रकम का आदान-प्रदान
लेन-देन का तरीका भी तेजी से बदल चुका है। नकदी के साथ-साथ यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और किराये के बैंक खातों के जरिए रकम का आदान-प्रदान किया जाता है। क्रिकेट, आईपीएल, फुटबाल और कबड्डी जैसे बड़े खेल आयोजनों के दौरान दांव लगाने का पूरा नेटवर्क वाट्सएप, टेलीग्राम और विदेशी बेटिंग प्लेटफाॅर्म के माध्यम से संचालित किया जाता है, जिससे कार्रवाई के बाद भी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करना आसान हो जाता है।
ये हैं सट्टे और जुए के अड्डों का हाॅट स्पाॅट क्षेत्र
- ख्याला
- पश्चिम विहार
- इंदरपुरी
- पंजाबी बाग
- राजौरी गार्डन
- तिलक नगर
- जनकपुरी
- उत्तम नगर
- मोहनगार्डन
- द्वारका
- बिंदापुर
यह भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पूरी तरह बंद, शुक्रवार सुबह 8 बजे से डायवर्जन लागू