28 मार्च को अर्थ आवर: रात 8:30 बजे से 1 घंटे तक बंद रखें लाइट्स, दिल्ली ने पिछले साल बचाई 260 मेगावाट बिजली
दिल्ली में 28 मार्च को अर्थ आवर मनाया जाएगा, जिसमें लोग रात 8:30 से 9:30 बजे तक गैर-जरूरी बिजली बंद रखेंगे। इसका उद्देश्य पृथ्वी को बचाना और जलवायु पर ...और पढ़ें

पिछले वर्ष अर्थ आवर पर दिल्ली के लोगों ने 260 मेगावाट से अधिक बिजली बचत की थी।

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अर्थ आवर के अवसर पर 28 मार्च शनिवार रात को 8:30 से 9:30 बजे के बीच लोग स्वेच्छा से अपने घरों व कार्यस्थलों की गैरजरूरी लाइट्स व बिजली उपकरणों को बंद रखकर पृथ्वी को बचाने का संदेश देंगे। दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां इसे लेकर उपभोक्ताओं को जागरूक कर रही है। पिछले वर्ष अर्थ आवर पर दिल्ली के लोगों ने 260 मेगावाट से अधिक बिजली बचत की थी।
जलवायु परिवर्तन ने धरती के लिए संकट को बढ़ा दिया है। अचानक से बदलने वाला मौसम, अप्रत्याशित तापमान आदि इसी संकट की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में पर्यावरण जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि अर्थ आवर के माध्यम से बताने का प्रयास है कि लोग अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर पृथ्वी को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
वर्ल्ड वाइड फंड फार नेचर/ वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (डब्लूडब्लूएफ) का अर्थ आवर वार्षिक कार्यक्रम है। वर्ष 2007 में पहली बार आस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में लोगों ने बिजली के उपकरण बंद रखकर इसकी शुरुआत की थी। इसके माध्यम से लोगों से अपील की जाती है कि वे जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए, अपने घरों और कार्यस्थलों पर गैरजरूरी लाइट और बिजली से चलने वाले उपकरणों को बंद रखें।
दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड, बीएसईस यमुना पावर लिमिटेड और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को अर्थ आवर को सफल बनाने की अपील कर रही है। एसएमएस, ईमेल, वेबसाइट, जैसे कई माध्यमों से उपभोक्ताओं के बीच अर्थ आवर के प्रति जागरूक कर रही हैं।