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    हनी ट्रैप में फंसा IAF का विंग कमांडर, PAK को खुफिया जानकारी देने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 11:32 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली में एक विंग कमांडर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों द्वारा 'हनी ट्रैप' में फंसाकर संवेदनशील रक्षा जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया ...और पढ़ें

    आरोपित अधिकारी सक्रिय निगरानी में था और अब उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया है। एआई इमेज

    आरोपित अधिकारी सक्रिय निगरानी में था और अब उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया है। एआई इमेज

    HighLights

    1. विंग कमांडर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के 'हनी ट्रैप' में फंसा।

    2. संवेदनशील रक्षा जानकारी लीक करने के आरोप में दिल्ली में गिरफ्तार।

    3. भारतीय वायु सेना ने शून्य सहिष्णुता दिखाते हुए कार्रवाई की।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक विंग कमांडर को सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों द्वारा 'हनी ट्रैप' किए जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के अधिकारियों ने दी है। आरोपित अधिकारी सक्रिय निगरानी में था और अब उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया है।

    आईएएफ ने जताई कड़ी आपत्ती

    भारतीय वायु सेना ने आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत ऐसे अपराधों के प्रति अपनी शून्य सहिष्णुता की पुष्टि की। आईएएफ के अधिकारियों ने कहा, 'वह सक्रिय निगरानी में था और उसे उपयुक्त कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया। सक्रिय उपायों के कारण उसे पकड़ लिया गया। आईएएफ ऐसी गतिविधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता रखती है।'

    दिल्ली पुलिस के अनुसार, दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर को संवेदनशील रक्षा-संबंधी जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। अधिकारी पर रक्षा संबंधी वर्गीकृत जानकारी और गोपनीय दस्तावेज साझा करने के आरोप में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    हनी ट्रैप के साथ और लगे संगीन आरोप

    सूत्रों के अनुसार, आईएएफ अधिकारी कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों द्वारा रची गई हनी ट्रैप का शिकार हो गया। उस पर एक सहयोगी के मोबाइल फोन में डेटा चुराने वाला सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने का भी आरोप है, ताकि डिवाइस पर नियंत्रण हासिल किया जा सके। आईएएफ खुफिया विंग द्वारा मामले से संबंधित विशिष्ट इनपुट दिल्ली पुलिस के साथ साझा करने के बाद अधिकारी को गिरफ्तार किया गया, सूत्रों ने कहा। आगे जांच जारी है।

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    पिछले साल खुलासा किया गया था ऐसा ही मामला

    बता दें कि पिछले साल अलवर के एक निवासी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। राजस्थान पुलिस ने उक्त मामले में बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद राज्य में निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।

    अलवर के छावनी क्षेत्र में निगरानी के दौरान मंगत सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थीं। आरोपी को कथित तौर पर पाकिस्तानी महिला हैंडलर ने ईशा शर्मा के छद्म नाम से हनी ट्रैप किया, जिसने सहयोग के बदले पैसे की पेशकश की। वह पिछले दो वर्षों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था।

    (एएनआई के इनपुट के साथ)

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