दिल्ली में अवैध होर्डिंग्स पर MCD का बड़ा एक्शन, 100 के करीब बोर्ड हटेंगे; विज्ञापन लगाने वालों पर होगी FIR
एमसीडी ने राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और भारत मंडपम के पास से होर्डिंग्स हटाए ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
एमसीडी ने अवैध होर्डिंग्स हटाना शुरू किया, राजस्व नुकसान पर नकेल।
सुप्रीम कोर्ट, भारत मंडपम के पास से अवैध होर्डिंग्स हटाए गए।
विज्ञापन से राजस्व बढ़ाने को नए अनुबंध, रेलवे से साझेदारी।
निहाल सिंह, नई दिल्ली। एमसीडी ने निगम को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले माफिया पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। इसके तहत निगम ने जगह-जगह लगाए गए अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट, भारत मंडपम और दिल्ली सचिवालय के पास लगे खाली और अवैध होर्डिंग्स हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त आयुक्त ने सभी जोन को निर्देश दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में इस पर कार्रवाई करें और सभी अवैध होर्डिंग्स को हटाकर साप्ताहिक रिपोर्ट मुख्यालय भेजें।
हटाए जाने हैं 100 के करीब होर्डिंग्स
अनुमान है कि दिल्लीभर में 100 के करीब अवैध होर्डिंग्स लगे हैं, जिन्हें हटाया जाना है। इतना ही नहीं, जिन होर्डिंग्स पर फिलहाल कोई टेंडर नहीं है, उन्हें भी एमसीडी हटा रही है, ताकि उनका कोई दुरुपयोग न हो सके।
एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अवैध होर्डिंग्स को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थीं। इनमें 218 शिकायतों का निस्तारण विभाग द्वारा किया गया है। साथ ही जो क्लस्टर खाली हो रहे हैं, वे मानसून में किसी दुर्घटना और राजस्व चोरी की वजह न बन जाएं, इसलिए उन्हें भी हटाया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि खाली क्लस्टर (जो किसी को आवंटित नहीं हैं) का रखरखाव नहीं हो पाता। वैसे भी मानसून में तेज हवाएं और वर्षा होती है। ऐसे में ये होर्डिंग्स किसी दुर्घटना का कारण न बनें, इसलिए इन्हें हटाया जा रहा है।
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एमसीडी अधिकारी ने आगे बताया कि निगम का विज्ञापन से राजस्व बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। विज्ञापन विभाग ने जुलाई 2026 के दौरान 21 नए विज्ञापन अनुबंध प्रदान किए हैं। इससे निगम के राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
इसके अतिरिक्त राजस्व बढ़ाने के लिए 227 नए स्थलों और क्लस्टरों के लिए विज्ञापन अधिकार आवंटित करने हेतु टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
इनमें यूनीपोल, बाजारों में फ्लैग साइन, एलईडी डिस्प्ले, प्रमुख स्थानों पर विज्ञापन बोर्ड, सार्वजनिक शौचालय, स्ट्रीट लाइट पोल कियोस्क, मल्टी-लेवल कार पार्किंग तथा रेलवे अंडरपास और सब-वे की दीवारों पर विज्ञापन शामिल हैं।
वहीं, रेलवे परिसरों में विज्ञापन संभावनाओं को बढ़ाने के लिए एमसीडी ने उत्तर रेलवे के साथ 50-50 प्रतिशत राजस्व साझेदारी के आधार पर समझौता (एमओयू) भी किया है।
कैसे करें पहचान, अवैध है या नहीं होर्डिंग्स
निगम के अनुसार, नागरिक एमसीडी-311 ऐप पर अवैध और खतरनाक होर्डिंग्स की शिकायत कर सकते हैं। निगम ने अपनी सभी अधिकृत होर्डिंग्स की जानकारी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर रखी है। अगर किसी नागरिक को लगता है कि कोई होर्डिंग्स अवैध या खतरनाक है तो इसकी शिकायत करें।
वहीं, सभी विज्ञापन एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिकृत विज्ञापन साइट पर निगम से टेंडर प्राप्त एजेंसी, उसके संपर्क विवरण तथा अधिकृत विज्ञापन स्थल होने की जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर संबंधित विज्ञापन संचालक कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
खाली होर्डिंग्स का हो रहा था दुरुपयोग
निगम की जानकारी में आया है कि आइटीओ और सुप्रीम कोर्ट के पास जो होर्डिंग्स खाली थे, उन पर भी विज्ञापन लगे हुए पाए गए। अब निगम ऐसे विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। जल्द ही पुलिस में शिकायत देकर विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।