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    दिल्ली में पहली बार PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज, MCD बनाएगा राजन बाबू टीबी अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 10:23 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली में एमसीडी पहली बार पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाएगी। यह किंग्सवे कैंप स्थित राजन बाबू टीबी अस्पताल परिसर में बने ...और पढ़ें

    एसबीआई को इसके लिए एमसीडी ने ट्रांजेक्शन पार्टनर बनाया है।

    एसबीआई को इसके लिए एमसीडी ने ट्रांजेक्शन पार्टनर बनाया है।

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    संक्षेप में पढ़ें

    निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एमसीडी पहली बार प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) माॅडल पर मेडिकल काॅलेज बनाने की दिशा में काम कर रही है। जीटीबी नगर में किंग्सवे कैंप स्थित राजन बाबू टीबी अस्पताल में यह मेडिकल काॅलेज और सुपर स्पेशलियटी अस्पताल बनेगा। इसके लिए एमसीडी ने एसबीआई के साथ मिलकर पूरी कार्ययोजना को लागू करने योजना तैयार की है। एसबीआई को इसके लिए एमसीडी ने ट्रांजेक्शन पार्टनर बनाया है। सूत्र बताते हैं कि एक बड़ी निजी कंपनी के साथ मिलकर एमसीडी कार्य करेगी।

    क्या है  एमसीडी की योजना?

    निगम सूत्रों के अनुसार इसके लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इसे जल्द ही सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद इसे लागू करने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा। इसको लेकर एमसीडी ने पिछले दिनों सीएम रेखा गुप्ता के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में अपना प्लान भी सौंपा है। प्लान में बताया गया है पीपीपी माॅडल पर मेडिकल काॅलेज बनेगा। साथ ही सुपर स्पेशलियटी अस्पताल होगा। एमसीडी की योजना है कि अस्पताल 63 एकड़ भूमि का सदुपयोग किया जाएगा क्योंकि काफी समय से यह भूमि रिक्त पड़ी है।

    2024 में दोनों का प्रशासन अलग-अलग कर दिया

    उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 2021 में भी पूर्वकालिक उत्तरी निगम की स्थायी समिति में यह प्रस्ताव आया था। जिसमें रिक्त भूमि को तीन हिस्सों में विभाजित कर पीपीपी माॅडल पर निजी अस्पताल पट्टे पर देकर शुरू किए जाएं। हालांकि उस समय इस प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया जा सका था। इस परिसर में जो अस्पताल फिलहाल चलते हैं।

    इसमें उत्तर भारत का एकमात्र महार्षि वाल्मिकी संक्रामक रोग अस्पताल है। वहीं दूसरा राजनबाबू टीबी अस्पताल है। दोनों अस्पताल करीब 1100 बिस्तर वाले हैं। वर्ष 2016-17 में इन अस्पतालों का प्रशासनिक विलय कर दिया गया था। लेकिन अस्पतालों का विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एमसीडी ने एकीकरण के बाद 2024 में दोनों का प्रशासन अलग-अलग कर दिया था।

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    नागरिकों को कम कीमत पर मिलेगा इलाज

    पीपीपी माॅडल पर अस्पताल और मेडिकल काॅलेज खुलेगा तो इसमें लोगों को कम कीमत पर इलाज की सुविधा देने की कोशिश है। एमसीडी सूत्रों के अनुसार इस संबंध में जो योजना बनाई जा रही है उसमें यह प्रयास होगा कि नागरिकों को कम कीमत पर इलाज और जांच की सुविधा मिले। साथ ही गरीब लोगों को बेहतर इलाज मिले। इसलिए पीपीपी माॅडल का जो समझौता होगा उसमें इन मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा।

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