रेलवे ने दिल्ली-पटना-हावड़ा रूट की 845 ट्रेनों में किया बड़ा बदलाव; 338 ट्रेनें रद और 384 डायवर्ट
भारतीय रेलवे ने बिहार में मोकामा के पास नए डबल-लाइन रेल ब्रिज के काम के कारण 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक 845 ट्रेन सेवाओं को प्रभावित करने की घोषणा ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे ने 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक कुल 845 ट्रेन सेवाओं को प्रभावित करने की घोषणा की है।
HighLights
मोकामा में नए डबल-लाइन रेल ब्रिज का काम।
21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक 845 ट्रेनें प्रभावित।
दिल्ली-पटना-हावड़ा कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने बिहार में मोकामा के पास गंगा नदी पर नए डबल-लाइन रेल ब्रिज के कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के तहत 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक कुल 845 ट्रेन सेवाओं को प्रभावित करने की घोषणा की है। इनमें 338 ट्रेनें रद, 384 डायवर्ट, 67 शॉर्ट-ओरिजिनेट और 56 शॉर्ट-टर्मिनेट की जाएंगी।
दिल्ली-पटना-हावड़ा कॉरिडोर पर घटेगी भीड़
पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के अनुसार, यह 14 दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक मौजूदा राजेंद्र सेतु (1959 में शुरू हुआ सिंगल-लाइन ब्रिज) की क्षमता की कमी दूर करने के लिए किया जा रहा है।
नए डबल-लाइन ब्रिज को 2015-16 के रेल बजट में लगभग 1,491.47 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी। इससे दिल्ली-पटना-हावड़ा कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी और रेल संचालन बेहतर होगा।
मौजूदा नेटवर्क से ज़ुड़ेगा ब्रिज
नए ब्रिज को अपर हाथीदाह जंक्शन, ताल जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन पर मौजूदा नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सबसे ज्यादा व्यवधान 3 अक्टूबर को होने की उम्मीद है, जब 36 ट्रेनें रद्द की जाएंगी। प्रभावित ट्रेनों में कोलकाता-जयनगर एक्सप्रेस, अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस और गोरखपुर-रांची एक्सप्रेस जैसी प्रमुख लंबी दूरी की सेवाएं शामिल हैं।
इन राज्यों की यात्राओं पर पड़ेगा प्रभाव
यह बदलाव बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से गुजरने वाले यात्रियों तथा हावड़ा, पटना, कोलकाता और नई दिल्ली को जोड़ने वाले प्रमुख रूट्स को प्रभावित करेगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि प्रभावित अवधि में यात्रा करने वाले अपने ट्रेन की स्थिति यात्रा शुरू करने से पहले जरूर जांच लें। रेलवे का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए जरूरी है। इससे पूर्वी भारत में लाइन क्षमता बढ़ेगी और ट्रेन संचालन सुचारू होगा।