NCR के लिए आ रहा है महाप्लान, सिर्फ 30 मिनट में तय होगा एक से दूसरे शहर का सफर; शामिल होंगी 5 से 8 नई सिटी
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में रीजनल प्लान-2041 पर चर्चा और अनुमोदन की संभावना है, जिसमें अरावली संरक्षण और 30 मिनट के यात्रा समय का लक्ष्य प्रमुख ...और पढ़ें

एनसीआर में एक शहर से दूसरे शहर की दूरी 30 मिनट में तय होगी। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
रीजनल प्लान-2041 पर एनसीआरपीबी बैठक में चर्चा
अरावली संरक्षण और 30 मिनट यात्रा लक्ष्य
एनसीआर के विकास का नया खाका तैयार
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की मंगलवार को विज्ञान भवन में होने जा रही बैठक में एनसीआर के लिए तैयार किए गए बहुप्रतीक्षित रीजनल प्लान- 2041 पर चर्चा और अनुमोदन प्रमुख एजेंडा रहने की संभावना है।
इस योजना में तेजी से बढ़ती आबादी, शहरीकरण, परिवहन, पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए नई रणनीतियां प्रस्तावित की गई हैं।
पांच से आठ नए शहर शामिल होंगे
योजना के तहत एनसीआर में पांच से आठ नए शहर विकसित करने सहित विभिन्न शहरों के बीच यात्रा समय को घटाकर करीब 30 मिनट तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए तेज गति वाली रेल व क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन होने वाली यह बैठक विज्ञान भवन में होगी। इसमें केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रतिनिधियों के साथ केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार, बैठक में पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा। रीजनल प्लान-2041 में नेचुरल कंजर्वेशन जोन (NCZ) को बरकरार रखने का प्रस्ताव है।
इससे अरावली पर्वतमाला और अन्य पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षण मिलता रहेगा। पिछले कुछ वर्षों से इन प्रविधानों को लेकर बहस चल रही थी, लेकिन बोर्ड के समक्ष रखे गए प्रस्ताव में मौजूदा सुरक्षा उपायों को जारी रखने की बात कही गई है।
हालांकि, पर्यावरण मंत्रालय और दिल्ली सरकार की ओर से यह सवाल भी उठाया गया है कि रीजनल प्लान-2041 में प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों की मैपिंग पूर्ण मानचित्रण और जमीनी सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में बैठक के दौरान इस विषय पर भी चर्चा होने की संभावना है।
विकास का नया खाका सामने आएगा
जानकारों का मानना है कि बैठक में एनसीआर की सीमाओं और कुछ जिलों की स्थिति को लेकर भी विचार-विमर्श हो सकता है। इसके अलावा परिवहन, भूमि उपयोग, जल संसाधन प्रबंधन और क्षेत्रीय अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रह सकती है।
गौरतलब है कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठकों में लिए गए निर्णय दिल्ली और उससे जुड़े राज्यों के शहरी विकास की दिशा तय करते हैं। मंगलवार की बैठक को एनसीआर के दीर्घकालिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि रीजनल प्लान-2041 को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में एनसीआर के विकास का नया खाका सामने आ जाएगा।
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