यात्रियों की भीड़ या पीक स्लॉट का रश? दिल्ली-NCR को क्यों पड़ी दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत; समझें असली गणित
प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, जिससे दिल्ली-एनसीआर को दूसरा विकल्प मिला। बढ़ती आबादी और एविएशन डिमांड के कारण ...और पढ़ें
HighLights
दिल्ली-एनसीआर की बढ़ती एविएशन मांग पूरी करेगा।
आईजीआई एयरपोर्ट पर यात्रियों का बोझ कम होगा।
क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया। इसी के साथ अब एनसीआर से हवाई यात्रा करने वालों को एयरपोर्ट के दो विकल्प मिल गए हैं। इसी बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि दिल्ली जैसे शहर के पास जब आईजीआई जैसा समृद्ध एयरपोर्ट है ही तो इस नए एयरपोर्ट की आवश्यकता क्यों पड़ गई? इसका सीधा सा जवाब है कि बढ़ती आबादी और एविएशन डिमांड। ऐसे में यह दूसरा एयरपोर्ट न सिर्फ ट्रैफिक का बोझ कम करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।
दिल्ली के यात्रियों की जरूरत होगी पूरी
दरअसल, दिल्ली-एनसीआर की तेजी से बढ़ती आबादी और एविएशन डिमांड को देखते हुए इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट अब अकेले पर्याप्त नहीं रह गया है। स्लॉट की कमी, पीक आवर्स में भीड़ और ज्यादा फ्लाइट्स की कनेक्टिविटी में दिक्कत के कारण दिल्ली को दूसरे एयरपोर्ट की सख्त जरूरत थी। जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी जरूरत को पूरा करने जा रहा है।
पीक आवर्स के यात्रियों को मिलेगा मौका
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आईजीआई एयरपोर्ट वर्तमान में सालाना 10 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को यात्रा सेवा करने की क्षमता रखता है और यह भारत का सबसे व्यस्त तथा दुनिया का नौवां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। मगर सुबह 6-8 बजे और शाम 5-8 बजे के पीक आवर्स में स्लॉट पूरी तरह भरे होने के कारण एयरलाइंस नई फ्लाइट्स नहीं जोड़ पा रही हैं। पीक टाइम के बाहर भी अतिरिक्त फ्लाइट्स या छोटे विमानों के लिए जगह नहीं बच रही है।
पार्किंग भी भीड़ बढ़ने पर नहीं देगी दिक्कत
जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की फेज-1 क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों प्रतिवर्ष यात्रा सुविधा देने की है। इसे दो साल के अंदर ही पूरी क्षमता पर पहुंचने की उम्मीद है। शुरुआत में इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर जैसी एयरलाइंस इस एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानें संचालित करेंगी। फेज-1 में पार्किंग-वे की संख्या बढ़ाकर 34 कर दी गई है, ताकि नाइट पार्किंग और सुबह की शुरुआती फ्लाइट्स आसानी से संभाली जा सकें।
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दिल्ली-एनसीआर को नई ऊर्जा देगा
एयरलाइंस के काम से जुड़े लोगों का कहना है कि हिंडन एयरबेस पर शुरू हुई सिविल फ्लाइट्स को मिली सफलता से साबित हो गया है कि नजदीकी एयरपोर्ट की सुविधा से स्थानीय लोगों को बहुत फायदा होता है।एक अध्ययन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के कैचमेंट एरिया में 58 प्रतिशत लोग आईजीआई को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 31 फीसदी जेवर एयरपोर्ट को पसंद करेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए जेवर ज्यादा सुविधाजनक होगा। आईजीआई एयरपोर्ट अपनी क्षमता को 2029-30 तक 12.5 करोड़ यात्रियों प्रतिवर्ष तक बढ़ाने की योजना बना रहा है, लेकिन जेवर एयरपोर्ट पूरे दिल्ली-एनसीआर को नई ऊर्जा देगा।
आईजीआई एयरपोर्ट की भीड़ होगी कम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन बड़ी धूमधाम से करते हुए यूपी और दिल्ली कासे मजबूती दे दी है। कॉमर्शियल उड़ानें 2026 में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे दिल्ली-एनसीआर से यात्रा करने वालों की राह आसान हो जाएगी। कनेक्टिविटी मजबूत होने से ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को विमान यात्रा से गंतव्य तक पहुंचाने का काम हो सकेगा।
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