महाराष्ट्र के अयान तनवीर से दिल्ली के साइबर ठग आनंद तक के निशाने पर आधी आबादी, सोशल मीडिया और लोकलाज बने हथियार
दो हालिया मामलों ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के शोषण और ठगी की चिंता बढ़ाई है। ये अपराधी महिलाओं की चुप्पी का फायदा उठाते हैं। विशेषज्ञों ने ऑनलाइन सतर ...और पढ़ें

महाराष्ट्र के अमरावती का अयान अहमद तनवीर से लेकर दिल्ली के शातिर साइबर ठग आनंद जैसे अपराधी हर पल महिला और लड़की की एक गलती की ताक में रहते हैं।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया की आभासी दुनिया यूं तो नेटवर्किंग बनाने और खुद का दुनिया से परिचय कराने का उम्दा प्लेटफॉर्म है। मगर इस इंटरटेनमेंट कम सोशल नेटवर्किंग की डिजिटल दुनिया में घातक अपराधी जाल बिछाकर बैठे हैं।
इन शातिर अपराधियों की बाज सी निगाह आधी आबादी यानी महिला और लड़की को प्रेमजाल में फंसाकर उनका शारीरिक व मानसिक शोषण करने के साथ ही तेजी से अकूत रुपया बनाने की होती है।
महाराष्ट्र के अमरावती का अयान अहमद तनवीर से लेकर दिल्ली के शातिर साइबर ठग आनंद जैसे अपराधी हर पल इसी ताक में रहते हैं।
अयान अहमद तनवीर ने 180 लड़कियों को बनाया शिकार
हाल के दिनों में महिलाओं और लड़कियों को ऑनलाइन प्रेमजाल में फंसाकर उनका शोषण और ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे देश में चिंता पैदा कर दी है।
महाराष्ट्र के अमरावती जिले में 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर ने करीब 180 नाबालिग लड़कियों को सोशल मीडिया के जरिए प्रेमजाल में फंसाया। आरोप है कि उसने 350 से अधिक अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें ब्लैकमेलिंग के लिए उनका इस्तेमाल करता रहा।
कई वीडियो वायरल भी हो गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।
दिल्ली के ठग आनंद ने 500 महिलाओं से झटके रुपये
इसी तरह गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम जिले में एक शातिर साइबर ठग आनंद कुमार को गिरफ्तार किया है। 35 वर्षीय आनंद ने डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर डॉक्टर, प्रोड्यूसर व वकील जैसी फर्जी प्रोफाइल बनाकर 500 से अधिक महिलाओं को फंसाया।
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यह उनसे शादी का वादा कर और भावनात्मक रिश्ता बनाता फिर उनसे रुपया ऐंठता। उसने महिलाओं से लगभग दो करोड़ रुपये ठगे। जब पीड़िताओं ने रुपये वापस मांगे तो वह निजी वीडियो एवं फोटो वायरल करने की धमकी देने लगता। लोकलाज में पड़कर महिलाएं पछताकर रह जातीं। यही इसका सबसे बड़ा हथियार था।
वहीं, ये अपराध ऐसे समय में उजागर हुए हैं, जब लोकसभा में आधी आबादी को उनका अधिकार देने के लिए एक महत्वपूर्ण बिल पर बहस हो रही है।
सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की अपील
देखा जाए तो यह दोनों मामले अलग हैं। दोनों ही अपराधी फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं का भरोसा जीतते थे और फिर उनका शोषण करने के साथ ही रुपये की ठगी करते थे। ये घटनाएं डिजिटल दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया पर अजनबियों से बात करते समय सतर्क रहना जरूरी है। हर प्रोफाइल की खूबसूरत तस्वीरों और मीठी-मीठी चैट के जाल में फंसकर कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिये। फिलहाल, पुलिस दोनों मामलों में आगे की जांच कर रही है।
लोकलाज से साध लेती हैं चुप्पी
बड़ा सवाल है कि आखिर सोशल मीडिया की दुनिया में ऐसे अपराधी हमेशा महिला और लड़कियों को ही निशाना क्यों बनाते हैं? इसका सीधा सा जवाब है कि महिला हो या लड़की वह समाज और परिवार का डर देखकर लोकलाज में पड़कर चुप्पी साध लेती हैं।
यही कारण है कि अयान तनवीर हमद और आनंद से अपराधियों का मन मजबूत होता जाता है। हालांकि, पाप का घड़ा एक न एक दिन तो फूट ही जाता है। आनंद और अयान तनवीर के साथ भी यही है।
इसीलिए बेहतर है कि यदि भूलकर भी कोई गलती हो जाए तो चुप रहने से बेहतर है कि कानूनी मदद मांगी जाए ताकि कोई और ऐसे अपराधियों का शिकार न हो सके। इन दोनों अपराधियों को सलाखों के पीछे लाने में भी किसी पीड़िता का ही बड़ा योगदान है।