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    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: 12 किमी ग्रीन कॉरिडोर तो शानदार लेकिन इमरजेंसी में मदद की सुविधाएं हैं अधूरी

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 01:04 PM (IST)

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रा तेज है, लेकिन आपात स्थिति में एसओएस सिस्टम और एनएचएआई हेल्पलाइन अविश्वसनीय हैं। यात्रियों को खुद तैयारी करनी होग ...और पढ़ें

    HighLights

    1. एसओएस बूथ और एनएचएआई हेल्पलाइन अभी भरोसेमंद नहीं हैं।

    2. यात्रियों को आपात स्थिति के लिए स्वयं तैयारी करनी होगी।

    3. रेस्ट एरिया और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी अधूरे हैं।

    सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने सफर को तेज, आसान और खूबसूरत जरूर बनाया है, लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में यात्रियों को खुद ही अपनी जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। अगर रास्ते में कोई दिक्कत आ जाए तो एनएचएआई की हेल्पलाइन या एसओएस सिस्टम पर फिलहाल पूरी तरह भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि यात्री सफर पर निकलने से पहले पूरी तैयारी के साथ चलें।

    मदद से कर दिया इंकार

    अगर आप दिल्ली से देहरादून के बीच या देहरादून से दिल्ली के बीच सफर कर रहे हैं तो गाड़ी से संबंधित किसी समस्या या किसी इमरजेंसी सिचुएशन के लिए तैयारी करके चलें। एनएचएआई के हेल्पलाइन नंबर 1033 के भरोसे न रहें।

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    दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर बागपत के पास लगे एसओएस बटन लगे पैनल। पारस कुमार

    ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर आपको मदद शायद ही मिल पाएगी। बुधवार को दैनिक जागरण की टीम को एक ऐसी फैमिली मिली, जिसकी गाड़ी शामली के पास खराब हो गई थी।

    कार चला रहे पंकज कुमार ने बताया कि उन्होंने गाड़ी खराब होने की सूचना एनएचएआई की हेल्पलाइन पर दी, लेकिन उन्होंने कोई मदद करने से इंकार कर दिया। उन्हें पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करने को कहा गया।

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    दिल्ली देहरादून हाइवे पर किया जा रहा कैमरे के पोल को चालू करने का कार्य । जागरण

    एसओएस बूथ शुरू होने में अभी लगेगा समय

    बागपत से शामली तक एक्सप्रेसवे पर करीब हर दो किलोमीटर पर एसओएस फोन बूथ लगाए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में यात्री तुरंत मदद ले सकें। लेकिन फिलहाल इनमें से कोई भी बूथ पूरी तरह इंस्टॉल नहीं हुआ है। कई जगह अभी केवल कनेक्शन और अन्य जरूरी सेटअप का काम बाकी है। ऐसे में ये बूथ अभी सेवा देने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए सफर के दौरान सिर्फ इन बूथों के भरोसे न रहें। अपना मोबाइल फोन चार्ज रखें, जरूरी नंबर पहले से सेव करें और यात्रा पर निकलने से पहले पूरी तैयारी कर लें।

    12 किमी का ग्रीन एलिवेटेड कॉरिडोर है आकर्षण का केंद्र

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सबसे खास हिस्सा देहरादून के पास वाइल्डलाइफ प्रिया के ऊपर बना करीब 12 किलोमीटर लंबा ग्रीन एलिवेटेड कॉरिडोर है। नीचे जंगल में वन्यजीवों के बीच गुजरते वाहन प्रकृति के बीच सफर का आनंद लेते हैं। यह कॉरिडोर न सिर्फ इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है, बल्कि लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन गया है।

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    दो माह बाद मिलेगी रेस्ट एरिया की सुविधाएं

    एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए 12 रेस्ट एरिया बनाए गए हैं, लेकिन फिलहाल इनमें से एक भी पूरी तरह तैयार नहीं है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक, सभी रेस्ट एरिया को चालू होने में अभी करीब दो महीने का वक्त लग सकता है।

    फिलहाल रास्ते में खाने-पीने, शौचालय और आराम की सुविधाएं न के बराबर हैं। बागपत में टोल पर शौचालय बना है। इसके अलावा कहीं शौचालय भी नहीं मिलेगा। ऐसे में लंबा सफर करने वालों को पहले से तैयारी करके चलना चाहिए।

    10 से 15 मिनट का एक छोटा पानी का विराम लिया गया। इसके बाद लगातार ड्राइव करते हुए पूरा सफर महज ढाई से पौने तीन घंटे में पूरा हो गया। तेज रफ्तार, बेहतर सड़क और कम रुकावट ने यात्रा को बेहद आरामदायक बना दिया है।

    शानदार सफर

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर उम्मीद से ज्यादा आसान और सुगम रहा। सहारनपुर तक रास्ते में न तो कहीं रुकने की जरूरत पड़ी और न ही ट्रैफिक जैसी कोई बड़ी परेशानी सामने आई। केवल तय टोल प्लाजा पर ही थोड़ी देर का ठहराव रहा, इसके अलावा पूरा रास्ता बिना रुकावट के मिला।

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    दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर शामली के पास स्पीड दिखाने वाले डिजिटल साइन बोर्ड को ठीक करता व्यक्ति । जागरण

    रास्ते में सिर्फ...तक सक्रिय नहीं

    एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए जगह-जगह स्पीड मॉनिटरिंग गन और डिजिटल स्पीड मीटर लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से कई अभी काम नहीं कर रहे हैं। तकनीकी खामियों को दूर करने का काम जारी है। फिलहाल चालक अपनी जिम्मेदारी पर तय गति सीमा का पालन करें, क्योंकि हाई स्पीड सड़क पर जरा सी लापरवाही भी हादसे की वजह बन सकती है। आने वाले दिनों में यह सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होने की उम्मीद है।

    मेंटेनेंस टीम लगातार दूर कर रही कमियां

    एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद भी एनएचएआई की मेंटेनेंस टीम लगातार मौके पर तैनात है। सड़क पर जहां कहीं एक्सपेंशन जॉइंट्स में दिक्कत है या कहीं हल्की टूट-फूट और गड्ढों जैसी शिकायतें मिली हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जा रहा है। टीम का दावा है कि सफर को और सुरक्षित व आरामदायक बनाने के लिए निगरानी रखी जा रही है।

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