दिल्ली में ऑनलाइन लॉटरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत तीन जालसाज गिरफ्तार
उत्तरी जिले की साइबर पुलिस ने ऑनलाइन लॉटरी धोखाधड़ी करने वाले तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। इस गिरोह ने भारतीय रेलवे ...और पढ़ें

लॉटरी जीतने के बहाने ठगी करने वाली महिला समेत तीन जालसाज गिरफ्तार। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
ऑनलाइन लॉटरी धोखाधड़ी में तीन जालसाज गिरफ्तार किए गए।
भारतीय रेलवे के सीनियर क्लर्क से 60 हजार रुपये ठगे।
आरोपियों के खातों से जुड़ी 10 शिकायतें एनसीआरपी पर मिलीं।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आनलाइन लाटरी जीतने के बहाने लोगों को झांसे में लेकर ठगने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर उत्तरी जिले की साइबर थाना पुलिस ने तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने हाल ही भारतीय रेलवे के सीनियर क्लर्क को झांसे में लेकर 60 हजार रुपये ठगे थे।
आरोपितों द्वारा खोले गए अकाउंट से जुड़ी एनसीआरपी पोर्टल पर 10 शिकायतें मिली हैं। इनकी पहचान भलस्वा डेरी के दीपांशु, हैदरपुर के चंदू शर्मा के रूप में हुई है, जबकि तीसरी गिरफ्तार महिला भलस्वा डेरी की रहने वाली है।
इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटाप, चेक बुक और पास बुक बरामद हुई है। पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।
पेमेंट के बाद नंबर ब्लॉक किया
उपायुक्त राजा बांठिया के मुताबिक, भारतीय रेलवे में सीनियर क्लर्क के रूप में कार्यरत भीम चंद ने एनसीआरपी पोर्टल पर 60 हजार की धोखाधड़ी के बारे में आनलाइन शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर 11 करोड़ तक के इनाम वाली लाटरी का एक विज्ञापन देखा, जिसकी टिकट 500 रुपये थी।
उन्होंने टिकट की पेमेंट की एक नवंबर को बताया गया कि उन्होंने 10 लाख का लाटरी इनाम जीता है और संबंधित दस्तावेज उन्हें भेज दिए गए। इसके बाद, काल कर इनाम लेने के लिए इनकम टैक्स, एनओसी, दूसरे चार्ज आदि के 60 मांगे गए जो उन्होंने पांच ट्रांजैक्शन में पेमेंट की।
इसके बाद उनका नंबर ब्लाक कर दिया गया, तब उन्हें ठगी का पता चला। साइबर थाने में केस दर्ज हुआ और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम एक बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की गई थी जो चंदू शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड मिला, लेकिन बैंक अकाउंट से जुड़ा पता और सिम नंबर फर्जी पते पर मिला।
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इसके बाद, पता चला कि इस ई-मेल आइडी से कई मोबाइल नंबर जुड़े हुए थे। इन मोबाइल नंबरों की जांच में संदिग्ध लोगों की लोकेशन भलस्वा डेरी इलाके में मिली और चार अप्रैल को भलस्वा डेरी में छापेमारी कर दीपांशु को गिरफ्तार किया गया।
उसकी निशानदेही पर सह-आरोपित चंदू शर्मा और सात अप्रैल को भलस्वा डेरी से महिला को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दीपांशु ने बताया कि वह बैंक अकाउंट और सिम कार्ड खरीदने और बेचने में शामिल था। उसने कथित बैंक अकाउंट पांच हजार में खरीदा था और यह अकाउंट किसी दूसरे व्यक्ति को 20 हजार में बेच दिया था।
ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में पता चला कि दीपांशु कम आय वर्ग के लोगों को निशाना बनाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। खुद को बैंक कर्मचारी बताकर पांच हजार देने का लालच देता और फर्जी पते पर सिम और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता।
प्राइवेट बैंकों में रिश्तेदार बनकर खाते खुलवाता, न्यूनतम राशि जमा कर एक्टिवेशन के बाद निकाल लेता था। खाते की किट और सिम अपने पास रखकर इन्हें बेच देता था। इस तरह उसने करीब 10 खाते खुलवाए।
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