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    दिल्ली: DTC बसों में Pink Saheli Smart Card के ट्रायल में तकनीकी अड़चन, बढ़ रहा महिला यात्रियों का इंतजार

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 05:25 AM (IST)

    पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के इस्तेमाल में इंटरनेट संबंधी बाधाओं के कारण महिला यात्रियों को बसों में टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यह तकनीकी ...और पढ़ें

    डीटीसी बस में भीड़। जागरण आर्काइव

    डीटीसी बस में भीड़। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. पिंक सहेली कार्ड से टिकट में इंटरनेट बाधा बन रही।

    2. महिला यात्रियों को बसों में लंबा इंतजार करना पड़ रहा।

    3. 16 अगस्त से कार्ड अनिवार्य, तकनीकी सुधार जरूरी।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। महिलाओं के लिए बसों में निश्शुल्क यात्रा की व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए शुरू हुआ पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के इस्तेमाल मे इंटरनेट बाधा बन रही है।

    कार्ड को मशीन पर टैप करने व सत्यापन प्रक्रिया में अधिक वक्त महिला यात्रियों का इंतजार बढ़ा रहा है। जिसका असर बस में चढ़ने की कतार से लेकर परिचालक के काम तक में दिखाई दे रहा है।

    नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक बस के परिचालक को हैंडहेल्ड इलेक्ट्रानिक टिकट मशीन (ईटीएम) से महिला यात्री के कार्ड से स्कैन या टैप करना होगा, जो सत्यापन कर टिकट जारी किया जाएगा। अभी पिंक सहेली कार्ड का ट्रायल किया जा रहा है।

    16 अगस्त से अनिवार्य कर सकती है सरकार

    माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार उसे 16 अगस्त से अनिवार्य कर सकती है। उसके पहले तकनीकी खामी को दूर कर व्यवस्था को सुचारु करना दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के सामने बड़ी चुनौती है। डीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि समस्या को समय रहते दूर करने पर काम किया जा रहा है।

    वैसे, अभी स्थिति यह कि कार्ड को मशीन पर टैप करने के बाद उसके स्वीकृति और सत्यापन में समय लग रहा है। हर कार्ड पर लगने वाला अतिरिक्त समय पीछे खड़ी यात्रियों की कतार को लंबा कर दे रहा है।

    भीड़भाड़ वाले बस स्टाप पर उसका असर और साफ दिखाई देता है। परिचालक को यात्रियों से कुछ देर रुकने के लिए कहना पड़ता है, जिससे बस में यात्रियों के चढ़ने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है।

    एक परिचालक ने बताया कि ऐसे में व्यवस्था संभालना मुश्किल हो रहा है। उनके अनुसार, सुविधा के लिए लाई गई व्यवस्था के साथ- साथ तकनीकी व्यवस्था पर भी काम होना चाहिए।

    कार्ड होने के बावजूद इस्तेमाल से बच रहीं महिलाएं

    इस दिक्कत को देखते हुए पिंक सहेली कार्ड होने के बावजूद महिलाएं उसके इस्तेमाल से बच रही है। खासकर कम दूरी की यात्रा करने वाली महिलाओं को कार्ड निकालने, मशीन पर टैप करने और सत्यापन पूरा होने तक इंतजार करना परेशानी वाला लग रहा है।

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    ऐसे में वे पुरानी पिंक टिकट व्यवस्था को अधिक आसान मान रही हैं।

    15 अगस्त तक पुराना पिंक टिकट मान्य

    महिलाओं को नई डिजिटल व्यवस्था में ढलने का अतिरिक्त समय देते हुए सरकार ने पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य करने की तारीख 16 अगस्त कर दी है। अब 15 अगस्त तक पुराने कागजी पिंक टिकट जारी होते रहेंगे। इससे महिलाओं को कार्ड बनवाने और नई व्यवस्था अपनाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

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