हरीश माथुर हत्याकांड: अमेरिका में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर हुई थी हत्या, टिल्लू गैंग के दो शूटर गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, अमेरिका से दीपक प्रकाशमा टिल्लू ताजपुरिया गिरोह चला रहा है, जिसने कराला के प्रॉपर्टी डीलर हरीश माथुर की हत्या कराई। इस मामले में दो श ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
टिल्लू गिरोह का संचालन अमेरिका से दीपक प्रकाशमा कर रहा है।
कराला के प्रॉपर्टी डीलर हरीश माथुर की हत्या कराई गई।
दो शार्प शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। टिल्लू ताजपुरिया गिरोह की कमान विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक प्रकाशमा के हाथ में होने का दावा पुलिस कर रही है। अमेरिका में बैठे दीपक के निर्देश पर ही कराला के प्रॉपर्टी डीलर व गोगी गिरोह से जुड़े हरीश माथुर की हत्या कराई गई।
इस मामले में टिल्लू गैंग के दो शार्प शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला है कि इस हत्या के बाद विरोधी गोगी गिरोह के कई अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाने की तैयारी थी।
संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह ने बताया कि कराला के प्रॉपर्टी डीलर हरीश माथुर हत्याकांड की जांच में रोहिणी जिला पुलिस ने टिल्लू ताजपुरिया गैंग के नेटवर्क को लेकर अहम जानकारी हाथ लगी। इन दिनों इस गिरोह का संचालन अमेरिका में मौजूद दीपक कर रहा है।
रोहतक के गैंगस्टर के इशारे पर हत्या
मूल तौर पर रोहतक के रहने वाले दीपक ने ही एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन ऐप के जरिए दिल्ली और एनसीआर में सक्रिय अपने शूटरों को निर्देश दिया था। उसी के आदेश पर 30 जुलाई को हरीश माथुर की हत्या की गई थी।
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डीसीपी शशांक जायसवाल के देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप गोदारा की टीम ने हत्या की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर शनिवार देर रात यूईआर-2 रोड स्थित माजरी गांव के पास घेराबंदी की।
दरअसल पुलिस टीम को यहां टिल्लू गिरोह के दो बदमाशों की आने की सूचना मिली थी। पुलिस को देखते ही बाइक सवार दोनों आरोपितों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं, जिससे उनकी जान बच गई।
दो पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विक्की उर्फ राहुल रंगा और विशाल उर्फ साहिल उर्फ लीलू के रूप में हुई है। इनके कब्जे से दो पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, छह खोखे और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद हुई है।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्हें हथियार और नकदी खरखोदा-रोहतक रोड पर एक सुनसान स्थान पर उपलब्ध कराई गई थी। आरोपितों ने यह भी बताया कि गोगी गिरोह से जुड़े पांच से छह अन्य लोगों की रेकी पूरी कर ली गई थी और उन्हें भी निशाना बनाया जाना था।
पुलिस का कहना है कि समय रहते दोनों शूटरों की गिरफ्तारी से गैंगवार की कई और संभावित वारदातें टल गईं। मामले में अब विदेश से संचालित नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।