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    युद्ध का असर अब धातुओं पर: एल्युमिनियम व स्टील महंगे होने से बर्तन 20% तक हुए महंगे, बिक्री में 30% की गिरावट

    Updated: Mon, 23 Mar 2026 08:57 PM (IST)

    युद्ध के वैश्विक माहौल के कारण धातुओं, विशेषकर एल्युमिनियम और स्टील के दाम बढ़ गए हैं। इससे बर्तनों की कीमतें 20% तक महंगी हो गई हैं, जबकि बिक्री में ...और पढ़ें

    धातुओं के दाम में तेजी से बर्तन और इलेक्ट्रिकल उत्पाद भी महंगे हुए।

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    नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। युद्ध की आंंच न सिर्फ खाना पकाने वाले ईंधन बल्कि बर्तनों तक भी पहुंच गई है। एल्युमिनियम धातु के दाम में तेजी आने से बर्तनों के दाम भी 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। मसलन, 650 का कूकर अब 800 का हो गया है। बर्तनों के दाम में तेजी प्लास्टिक के दानों के दाम दोगुने होने व पीएनजी गैस की उपलब्धता में कमी जैसे कारण भी हैं।

    जानकारोें के अनुसार, वर्तमान वैश्विक माहौल में खरीदारी भी संभल कर हो रही है। ऐसे में बर्तनों की बिक्री में 30 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। एल्युमिनियम का आयात मुख्य रूप से चीन, मलेशिया, यूएई और ओमान जैसे देशों से होता है।

    सभी धातुओं के दाम में तेजी

    सदर बाजार के नजदीक स्थित डिप्टीगंज बर्तनों की बिक्री का थोक केंद्र है तो वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र बर्तन निर्माण का बड़ा केंद्र। जहां तक युद्ध का असर पड़ा है। वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी व लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि अनिल गर्ग के अनुसार, बर्तन निर्माण में प्रयुक्त होने वाले सभी धातुओं के दाम में तेजी है। एल्युमिनियम की दरों में 20 से 30 प्रतिशत, तांबे में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।

    स्टील में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी

    स्टील में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी हैै। उन्होंने बताया कि कच्चा स्टील मुख्य रूप से चीन से आता है, जिसे इस्पात कंपनियों में परिस्कृत कर बर्तन निर्माण की इकाईयों में आता है। यहीं हाल अन्य धातुओं का है। जबकि, बर्तन तैयार करने में पीएनजी का भी उपयोग होता है, जिसकी आपूर्ति में कमी आ रही है। पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के दानों के दाम भी दोगुने हो चुके हैं।

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    बिक्री में गिरावट से व्यापारी परेशान

    डिप्टीगंज स्टेनलेस स्टील यूटेनसिल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन के अनुसार, बर्तन बाजार में मंदी की मार है। बर्तनों के दाम में तेजी के बीच लोग कोरोना जैसी स्थिति की तरह खरीदारी में बचकर चल रहे हैं। इसलिए भी बिक्री में गिरावट है। यह गिरावट कुल बिक्री का 30 प्रतिशत तक है। वैसे, इंडेक्शन चूल्हे की मांग के साथ उसपर प्रयुक्त होने वो समतल बर्तनों की भी मांग बढ़ी है। यह बढ़ोत्तरी 10 प्रतिशत तक है।

    इलेक्ट्रिकल व बाथरूम उत्पाद भी महंगा

    धातुओं के दाम में तेजी से इलेक्ट्रिकल उत्पाद भी महंगा हुआ है। बिजली के तार, प्लग, स्वीच बोर्ड समेत कई ऐसे उत्पाद हैं, जिनके दाम में 10 से 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। चावड़ी बाजार के स्टेनलेस स्टील मार्केट के प्रधान बलदेव शर्मा के अनुसार, इसके चलते वाश बेेसिन, नल जैसे बाथरूम और किचन में इस्तेमाल होने वाले उत्पादाें के दाम में बढ़े हैं।

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