हिंदुस्तान का हर बच्चा गाता है ये प्रार्थना गीत, 69 साल पहले Lata Mangeshkar ने दी थी आवाज; गुमनाम लेखक की कहानी
69 साल पहले बॉलीवुड में एक ऐसा गाना बना था, जो लगभग हिंदुस्तान के हर स्कूल में बच्चों ने मॉर्निंग प्रार्थना के रूप में गाया। इस गाने के सिंगर को काफी ...और पढ़ें

बॉलीवुड का ये गाना स्कूल के प्रार्थना गीत की है शान/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर ने अपने लंबे करियर में कई यादगार गाने दिए हैं। रोमांटिक गाना हो या फिर देशभक्ति गीत और सैड सॉन्ग सुर सम्राज्ञी की आवाज सीधा दिलों को छूती थी। 69 साल पहले लता मंगेशकर ने बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म के लिए एक ऐसा गाना गाया था, जो आगे चलकर स्कूल में प्रार्थना गीत बना।
यह एक ऐसी प्रार्थना है, जिसे हिंदुस्तान के स्कूलों में लगभग हर बच्चे ने गाया होगा। सात दशक से देश में हजारों स्कूलों की सुबह इसी गाने से होती है। कौन सा था ये कल्ट क्लासिक गाना, जो आगे चलकर स्कूल के प्रार्थना गीत के रूप में हुआ पॉपुलर और इसे लिखने वाले दिग्गज गीतकार कौन हैं, नीचे पढ़ें यह दिलचस्प कहानी।
हर बच्चे की जुबान पर रहा है लता मंगेशकर का गाया ये गाना
जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह साल 1957 में रिलीज हुआ था। ये गीत स्कूलों की प्रार्थना के लिए नहीं, बल्कि दिग्गज गीतकार भरत व्यास ने बॉलीवुड फिल्म 'दो आंखें बाराह हाथ' के लिए लिखा था। गाने के लिरिक्स थे 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम', जिसे लता मंगेशकर ने अपनी खूबसूरत आवाज में गाया था।
फिल्म में यह गाना 'कैदियों के सुधार' के स्थिति पर फिल्माया गया था, जहां एक आदर्शवादी जेलर आदिनाथ का मानना होता है कि किसी भी इंसान को प्यार, विश्वास और कड़ी मेहनत से सुधारा जा सकता है। फिल्म में जब अपराधी अपनी बुराइयों को छोड़कर सही मार्ग पर चलने के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं, तब यह गाना बजता है। जहां भरत व्यास ने इसके लिरिक्स लिखे थे, तो वहीं 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम' का म्यूजिक वसंत देसाई ने तैयार किया था।
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भरत व्यास ने लिखें कई सफल गानों के लिरिक्स
जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि भरत व्यास इंडियन सिनेमा के दिग्गज लिरिसिस्ट थे। उन्होंने 1950 और 60 के दौर में कई बड़ी सफल हिंदी फिल्मों के गाने लिखे हैं। बीकानेर, राजस्थान में जन्में भरत व्यास की आज डेथ एनिवर्सरी है। वह न सिर्फ बेहतरीन लिरिसिस्ट थे, बल्कि साल 1949 में भरत व्यास ने 'रंगीला राजस्थान' नामक एक फिल्म का निर्देशन भी किया था।
ऐ मालिक तेरे बंदे हम के अलावा उन्होंने साल 1959 में रिलीज हुई फिल्म 'नवरंग' के लिए 'आधा है चंद्रमा रात आधी', 'अरे जा रे हट नटखट'गाने लिखे। इसके अलावा उनके लिखे गीतों में 'ये कौन चित्रकार है', 'लौट के आजा मेरे मीत', 'तू छुपी है कहां', 'तुम गगन के चंद्रमा' हो भी शामिल है।