JFF 2026: जागरण फिल्म फेस्टिवल का आगाज आज, सिनेमा के हर रंग से होंगे रूबरू
जागरण फिल्म फेस्टिवल के 14वें संस्करण का आयोजन आज से राजधानी दिल्ली में होने जा रहा है।
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जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 (फोटो क्रेडिट- जागरण)
HighLights
आज से शुरू हुआ जेएफएफ 2026
जागरण फिल्म फेस्टिवल का 14वें संस्करण
सिनेमा के ये फिल्मी सितारे आएंगे नजर
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सिनेमा की दुनिया केवल बड़े पर्दे पर दिखाई देने वाली कहानियों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कलाकारों का संघर्ष, निर्देशक की कल्पना, लेखक की सोच, कास्टिंग की तलाश और तकनीक का लगातार बदलता रूप भी शामिल है। इसी पूरे सिनेमाई दुनिया से दर्शकों को रूबरू कराने के लिए जागरण फिल्म फेस्टिवल (जेएफएफ) का गुरुवार को जनपथ स्थित डा. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आगाज होगा।
2000 से ज्यादा फिल्मों की भागीदारी
इस चार दिवसीय फेस्टिवल में 72 से अधिक देशों की 2000 से ज्यादा फिल्मों की भागीदारी रहेगी। इनमें भारतीय सिनेमा की 22 भाषाओं समेत कुल 65 भाषाओं की फिल्में शामिल हैं। फेस्टिवल में केंद्रीय सूचना व प्रसारण राज्य मंत्री डा. एल मुरुगन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह की शुरुआत तीन बार के ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज के एम्पैथी वाद्य संगीत से होगी।

इस दौरान अभिनेत्री मौसमी चटर्जी, निर्देशक मधुर भंडारकर, लिलेट दुबे, पान नलिन, ऐमी बरुआ, जावेद जाफरी और सयानी गुप्ता समेत सिनेमा जगत की कई हस्तियां मौजूद रहेंगी। फेस्टिवल की शुरुआत भारतीय फीचर फिल्म "शिकायते" के विश्व प्रीमियर से होगी। गायत्री एकनाथ पाटिल और आदित्य घनश्याम राठी की निर्देशित यह हिंदी फिल्म उद्घाटन प्रस्तुति होगी।
वहीं, रोमानिया फोकस के तहत टोमा एनाचे की निर्देशित फिल्म "एनेस्कु स्किन्ड अलाइव" का जेएफएफ में प्रीमियर होगा। महोत्सव का एक अहम आकर्षण "फ्राम देसी स्ट्रीट्स टू आस्कर्स- कास्टिंग इंडिया फार द वर्ल्ड" सत्र होगा। इसमें कास्टिंग निर्देशिका टेस जोसेफ बताएंगी कि भारतीय कलाकारों और प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा तक पहुंचाने की प्रक्रिया किस तरह काम करती है। यानी दर्शकों को सिर्फ पर्दे पर नजर आने वाले कलाकार नहीं, बल्कि उन्हें पर्दे तक पहुंचाने वाली पूरी प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा।
सितारों से संवाद, पर्दे के पीछे की दुनिया भी सामने
फेस्टिवल में अभिनेता बाबी देओल करियर की वापसी की कहानी साझा करेंगे। अभिनेत्री तापसी पन्नू "फ्राम पिंक टू पावर" सत्र में सिनेमा के जरिए रूढ़ धारणाओं को चुनौती देने और महिला किरदारों की बदलती तस्वीर पर बात करेंगी। निर्देशक इम्तियाज अली प्रेम कहानियों के लेखन और उनकी लंबे समय तक दर्शकों के साथ बने रहने के रहस्य पर संवाद करेंगे। एआइ के दौर में कहानी कहने के बदलते अंदाज पर भी फेस्टिवल में चर्चा होगी।
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सत्र "द लास्ट ह्यूमन स्टेज" में कलाकार और रंगमंच से जुड़े विशेषज्ञ इस सवाल पर बात करेंगे कि तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच मानवीय कहानी और संवेदना की भूमिका क्या होगी। वहीं, एआइ फिल्म निर्माण कार्यशाला में प्रतिभागियों को अपनी पहली एआइ-निर्मित फिल्म तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
शांताराम, राज कुमार और सिनेमा की विरासत
फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा के इतिहास और विरासत को भी प्रमुखता दी गई है। फिल्मकार वी. शांताराम की 125 वीं जयंती पर "दो आंखें बारह हाथ" और "झनक झनक पायल बाजे" की स्क्रीनिंग होगी। अभिनेता राज कुमार की जन्मशती पर "नील कमल", "काजल" और "वक्त" दिखाई जाएंगी।
महोत्सव में धर्मेंद्र, आशा भोसले, असरानी, सतीश शाह और हंगरी के फिल्मकार बेला तार को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। कास्टिंग में युवाओं के लिए कास्टिंग मीट एंड ग्रीट भी खास होगा। इसमें मुकेश छाबड़ा और टेस जोसेफ से सीधे बातचीत का अवसर मिलेगा।
युवाओं के लिए सिनेमा सीखने और बनाने का अवसर
उभरते फिल्मकारों के लिए जेएफएफ अनटाइटल्ड शार्ट फिल्म ग्रांट महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। चयनित फिल्मों को एक लाख रुपये की निर्माण सहायता के साथ एएएफटी की स्टूडियो सुविधा मिलेगी। मेंटरशिप कार्यक्रम में अनुभवी फिल्मकार और विशेषज्ञ युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करेंगे।
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किशोर दर्शकों के लिए जेएफएफ जूनियर के तहत सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक विशेष फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी। महोत्सव का यह सिनेमाई सफर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। जागरण फिल्म फेस्टिवल देश के 14 शहरों तक पहुंचेगा। दिल्ली में चार दिनों के बाद समापन "लास्ट एंड फाउंड कुंभ" से होगा, जिसका निर्देशन मयूर पुरी ने किया है।
ऐसे मिलेगा प्रवेश
जनपथ मार्ग स्थित डा. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 20 से 23 अगस्त तक आयोजित इस महोत्सव में दर्शक बुक माय शो से पास लेकर आसानी से प्रवेश कर सकते हैं और फिल्मों का दैनिक स्क्रीनिंग शेड्यूल वेबसाइट- www.jff.co.in/screening-2026 पर देख सकते हैं।
ऐसे पहुंचे
दर्शक डा. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर पहुंचने के लिए मेट्रो, बस या निजी वाहन का उपयोग कर सकते हैं। सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन केंद्रीय सचिवालय व जनपथ मेट्रो स्टेशन है। जहां से अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर की दूरी मात्र 150 व 300 मीटर है। जहां से पैदल या आटो से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
