51 साल पहले लता मंगेशकर ने गाया था सावन का सबसे 'चुलबुला' गीत, शर्मीला टैगोर की नटखट अदाओं ने बनाया कल्ट क्लासिक
लता मंगेशकर का 1975 की फिल्म के इस गाने का नाम सावन के कल्ट क्लासिक गीत में दर्ज है। धर्मेंद्र और शर्मिला टैगोर पर फिल्माया गया यह गाना प्रेमियों की व ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सावन यानी हिंदू पंचाग का पावन और सबसे पवित्र महीना। ये एक और मायने में भी खास है क्योंकि इस दौरान भक्त शिव की भक्ति में लीन रहते हैं। दूसरा इस महीने की एक बात और खास है क्योंकि जब बारिश की बूंदे शरीर पर पड़ती हैं तो मन अपने आप थिरकने पर मजबूर हो जाता है।
शर्मीला टैगोर पर फिल्माया गया था गाना
बारिश की फुहार में मन अपने आप रोमांटिक हो जाता है। आज आपको लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के ऐसे ही एक गाने के बारे में बताएंगे जिसे खास तौर पर सावन के माहौल पर फिल्माया गया है। हम बात कर रहे हैं साल 1975 में आई फिल्म चुपके चुपके (Chup Ke Chup Ke) की। इस मूवी का गीत 'अब के सजन सावन में' (Ab Ke Sajan Sawan Mein) काफी ज्यादा पॉपुलर है। इसे धर्मेंद्र (Dharmendra) और शर्मीला टैगोर (Sharmila Tagore) पर फिल्माया गया था।
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इस गाने को अपनी खूबसूरत आवाज से सजाया था लता मंगेशकर और गाने के बोल लिखे थे आनंद बक्शी ने जबकि एस डी बर्मन ने इसका संगीत दिया था। फिल्म के डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी थे और इसमें धर्मेंद्र और शर्मीला के अलावा अमिताभ बच्चन, जया भादुड़ी, ओम प्रकाश और उषा किरण लीड रोल में नजर आए थे।
प्रेम में विरह की कहानी कहता है गीत
'अब के सजन सावन' में विरह, तड़प और प्रेमी के पास होने के बावजूद न मिल पाने की विवशता साफ झलकती है। आनंद बख्शी के लिखे और एस. डी. बर्मन के संगीत से सजे इस गाने में सावन की रुमानियत के बीच प्रेमियों की बेबसी झलकती है।
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फिल्म की कहानी सिचुएशनल कॉमेडी पर आधारित है जिसे जितनी बार भी देखा जाए ये नई ही लगती है। फिल्म की कहानी उप्रेंद्र गांगुली के उपन्यास छद्मभेष पर आधारित है। प्रोफेसर परिमल त्रिपाठी (धर्मेंद्र) की शादी सुलेखा (शर्मीला टैगोर) से होती है और वो जब तब बस अपने जीजा की तारीफ करती रहती है। उसका ये भ्रम तोड़ने के लिए परिमल वहां ड्राइवर बनकर नौकरी करने लग जाता है। यही से जो सारी स्थितियां पैदा होती हैं वो बहुत हास्य हैं।