Lata Mangeshkar का सबसे दर्दभरा गाना, 62 साल बाद भी है कल्ट; इस गीत के लिए डायरेक्टर के खिलाफ चला गया था हीरो
लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने 62 साल पहले एक ऐसे गीत को आवाज दी जो आज भी सुनने वालों के दिलों को सुकून देता है। इस गीत को सुनने के बाद डायरेक्टर ने ...और पढ़ें

लता मंगेशकर का सैड सॉन्ग आज भी है कल्ट। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। कुछ गीत वक्त के साथ भुलाए नहीं जाए सकते। कुछ गीत हमेशा-हमेशा के लिए अमर बन जाते हैं। लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का एक गीत भी उन्हीं में से एक है। यह गीत 6 दशक के बाद भी कालजयी बना हुआ है।
गाने के एक-एक बोल गहरई से एक लड़की के दिल में छुपे तड़प, जुदाई और प्रेम के इमोशंस को जाहिर करते हैं। यह इंडियन सिनेमा के इतिहास में सबसे आइकॉनिक रोमांटिक सैड सॉन्ग (Romantic Sad Song) बन गया।
मनोज कुमार पर फिल्माया गया था गाना
लता मंगेशकर के इस गीत को मनोज कुमार (Manoj Kumar) और साधना (Sadhana) पर फिल्माया गया था। इस गीत के म्यूजिक डायरेक्टर मदन मोहन थे। उन्होंने ही गाने की धुन बनाई थी। जब वह गीत लेकर डायरेक्टर के पास गए तो उन्होंने साफ-साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह गीत उनकी फिल्म के लिए नहीं बना।
मजबूरी में शामिल करना पड़ा था गाना
मगर मनोज कुमार को यह भा गया और उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे साफ-साफ कह दिया कि अगर फिल्म में यह गाना नहीं होगा तो वह फिल्म ही नहीं करेंगे। मजबूरी में डायरेक्टर को भी गाना शामिल करना पड़ा। जब उन्होंने यह गीत दोबारा सुना तो उन्होंने खुद को मारने के लिए अपना जूता उतार लिया था। यह गाना है 'लग जा गले' (Lag Ja Gale Song)।
लता मंगेशकर के करियर का सबसे शानदार गीत
यह गीत फिल्म 'वो कौन थी' (Woh Kaun Thi) में था। इस गीत के बोल राजा मेहंदी अली खान ने लिखे थे। यह भले ही सैड सॉन्ग था, लेकिन इसकी धुन और बोल सुकून देने वाले हैं। गाने को लता मंगेशकर ने गया था और इसे कंपोज मदन मोहन ने किया था। मगर पहले यह गाना रिजेक्ट हो गया था।
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रिजेक्शन से गुस्सा हो गए थे मदन मोहन
राज खोसला: द ऑथराइज्ड बायोग्राफी के मुताबिक, जब फिल्म के डायरेक्टर राज खोसला ने 'लग जा गले' को रिजेक्ट किया था, तब गुस्से में मदन मोहन ने मनोज कुमार को फोन किया और कहा कि राज खोसला का दिमाग खराब हो गया। उन्हें एक गाना सुनाया और उन्हें पसंद नहीं आया। अब तुम इसे संभालो।
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डायरेक्टर ने खुद को मारने के लिए उठाया था जूता
इसके बाद मनोज कुमार ने राज खोसला को मनाया। उन्होंने कहा कि वह फिल्म तभी करेंगे, जब यह गाना शामिल होगा। इसके बाद उन्होंने फिल्म को शामिल करने के लिए हामी भर दी और जब दोबारा उन्होंने इसे सुना तो खुद को मारने के लिए जूता उतार दिया था। बहरहाल, यह गीत बना और 62 साल बाद भी यह सबसे यादगार गानों में से एक है। स्लो होने के बावजूद यह गाना आज भी दिल में सुकून भरने के लिए काफी है।