यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Satish Kaushik के लिए खास दोस्त अनुपम खेर ने लिखा भावुक नोट, कहा- जिंदगी अब पहले की तरह...
Anupam Kher On Satish Kaushik अनुपम खेर में वीडियो शेयर करते हुए लिखा है यह लेटर मेरे खास दोस्त के लिए है। मेरा प्यारा दोस्त सतीश कौशिक आप मेरे जीवन क ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। Anupam Kher On Satish Kaushik: सतीश कौशिक का हाल ही में दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसके बाद उनके खास दोस्त अनुपम खेर काफी भावुक नजर आए। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपने दिवंगत दोस्त सतीश कौशिक को न सिर्फ श्रद्धांजलि दी है बल्कि उन्होंने अपनी आपबीती भी सुनाई है। अनुपम खेर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के दिनों को भी याद किया है।
अनुपम खेर ने सतीश कौशिक को याद किया है
अनुपम खेर ने कहा कि सतीश के बिना जिंदगी अब पहले की तरह नहीं होगी। उन्होंने अपना खास दोस्त खो दिया है। सतीश कौशिक का 66 वर्ष की आयु में अब तक की खबरों के अनुसार हृदय गति रुकने से निधन हो गया है। हालांकि, अभी पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट आणि बाकी है। अब अनुपम खेर ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है।
अनुपम खेर ने सतीश कौशिक के साथ की 45 वर्षों की दोस्ती पर बात की है
अनुपम खेर ने सतीश कौशिक के साथ के अपने 45 वर्षों के दोस्ताना पर बात की है। उन्होंने कहा, 'आज मैं आप लोगों के सामने इसलिए आया हूं क्योंकि मैंने अपना दोस्त सतीश कौशिक खोया है और मैं इस दुख से बाहर आना चाहता हूं। यह मुझे मार रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारी दोस्ती काफी गहरी थी। कई वर्षों के कारण यह आदत बन गई थी। हम एक-दूसरे को नहीं खोना चाहते थे। यह बहुत मुश्किल है क्योंकि 45 साल बहुत लंबा समय है।'
अनुपम खेर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के दिनों को भी याद किया
अनुपम खेर ने इस अवसर पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'हमने कई सपने साथ देखे थे। हमने हमारी यात्रा साथ में शुरू की थी। यह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में जुलाई 1975 से शुरू हुई थी। हम दोनों मुंबई आए थे। हमने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने यह भी बताया कि सतीश कौशिक उन्हें दिन में लगभग एक बार जरूर फोन करते थे। अनुपम खेर आगे कहते हैं, 'फिलहाल मैं अपने काम पर ध्यान नहीं दे पा रहा हूं लेकिन जैसे कि लोग कहते हैं- आपको आगे बढ़ना पड़ता है। मैं भी यही करूंगा। जीवन हमें यही सिखाता है।'