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    पाकिस्तान से आया वो 'बस कंडक्टर', 'रेलवे प्लेटफॉर्म' से बना स्टार; Oscar तक गूंजी सफलता

    Updated: Sat, 06 Jun 2026 04:08 PM (GMT+05:30)

    हिंदी सिनेमा का एक अभिनेता जो पाकिस्तान से भारत आया और फिर स्टार बन गया। इस अभिनेता ने दशकों तक इंडस्ट्री पर राज किया है। ...और पढ़ें

    बस कंडक्टर से स्टार बना ये अभिनेता। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

    बस कंडक्टर से स्टार बना ये अभिनेता। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक ऐसा अभिनेता जिसने सिर्फ एक वादे के चलते एक बड़े डायरेक्टर की फिल्म का ऑफर ठुकरा दिया था। किसे मालूम था कि अपनी शर्तों पर काम करने वाले वो अभिनेता आज हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े स्टार्स में से एक होंगे।

    हम बात कर रहे हैं पद्म श्री से सम्मानित अभिनेता सुनील दत्त (Sunil Dutt) की। 50, 60, 70, 80, 90 और 2000 के दशक तक... अभिनेता ने बड़े पर्दे पर अपने अभिनय की छाप छोड़ी। मगर उनके लिए पाकिस्तान से भारत आकर फिल्मी वर्ल्ड में अमिट छाप छोड़ने की जर्नी कभी भी आसान नहीं रही।

    पाकिस्तान से आए थे अभिनेता

    6 जून 1929 को ब्रिटिश इंडिया में पंजाब के झेलम (अब पाकिस्तान में) जन्मे सुनील दत्त का असली नाम बलराज दत्त था। वह तीन भाई-बहन में सबसे बड़े थे। वह सिर्फ 5 साल के थे, जबकि उनके पिता का निधन हो गया था और 18 की उम्र में उनके सामने ऐसी मुसीबत आ गई थी कि उन्हें अपने और अपने परिवार की जान बचाने के लिए इंडिया आना पड़ा।

    Sunil Dutt age

    दरअसल, जब सुनील दत्त 18 साल के थे, तब बंटवारे की वजह से हिंसा फैल गई थी। ऐसा कहा जाता है कि सुनील दत्त के पिता के एक मुस्लिम दोस्त ने उनकी जान बचाई थी और उन्हें सुरक्षित भारत भेजा था। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ कभी हरियाणा गए तो कभी लखनऊ। आखिर में वह परिवार के साथ मुंबई में बस गए।

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    बस कंडक्टर के तौर पर किया था काम

    मुंबई में उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखी और इस दौरान घर चलाने के लिए उन्होंने छोटे-मोटे काम भी किए। एक बार उन्होंने एक इंटरव्यू में रिवील किया था कि उन्होंने बस कंडक्टर के रूप में काम किया था।

    कैसे मिली सुनील दत्त को पहली फिल्म?

    सुनील दत्त ने बस कंडक्टर के बाद रेडियो जॉकी के तौर पर भी काम किया। उनकी आवाज सुनकर ही एक बार डायरेक्टर रमेश सहगल उनके पास गए और अपनी फिल्म में कास्ट करने का ऑफर दे दिया। मगर उस वक्त सुनील दत्त कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने अपनी मां से वादा किया था कि वह पढ़ाई पूरी करने के बाद ही एक्टिंग करेंगे। जब उनका कॉलेज खत्म हुआ, तब रमेश सहगल ने उन्हें अपनी फिल्म 'रेलवे प्लेटफॉर्म' (1955) में लॉन्च किया और वह छा गए।

    Sunil Dutt movie

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    ऑस्कर में गई थी फिल्म

    मगर सुनील दत्त को असली पहचान नरगिस दत्त की 'मदर इंडिया' मूवी (Mother India) से मिली थी। यह फिल्म ऑस्कर (Oscar)ऱा में भी नॉमिनेट हो चुकी थी। इस फिल्म ने उन्हें स्टार बना दिया और फिर अभिनेता ने एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्मों से सिनेमा को नवाजा।

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