Dhurandhar 2 से पहले Tabu पर फिल्माई गई नुसरत साहब की ये कव्वाली, 30 साल पहले सनी देओल की मूवी में आया था गाना
Dhurandhar 2 में जब नुसरत फतेह अली खान की आवाज़ गूंजी, तो रोंगटे खड़े हो गए, लेकिन क्या आपको पता है कि इसी कालजयी कव्वाली पर 30 साल पहले तब्बू ने 'तवा ...और पढ़ें

धुरंधर 2 से पहले तब्बू पर फिल्माई गई ये कव्वाली

समय कम है?
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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 में 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास लिख दिया है। हालांकि ये इतिहास बॉक्स ऑफिस पर नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा में भी लिखा गया है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म के हर किरदार से लेकर इसके संगीत और डायलॉग्स तक की चर्चा हो रही है। हर छोटी से छोटी चीज के बारे में लोग जानना चाहते हैं, लेकिन आज हम आपको फिल्म में सुनाई दिए एक ऐसे गाने की कहानी बताएंगे, जो असल में पाकिस्तान से आया था।
'धुरंधर 2' में पाकिस्तान से आया वो गाना
फिल्म के पहले पार्ट में जितनी चर्चा फिल्म की कहानी को लेकर हुई, उतनी ही चर्चा इसके संगीत को लेकर भी हुई। यही फिल्म के अगले पार्ट में भी यही हुआ है। फिल्म के संगीत के बारे में हर कोई जानना चाहता है। धुरंधर 2 में भी शाश्वत सचदेव ने ही संगीत दिया और इस बार फिल्म में शामिल की गई उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की एक मशहूर कव्वाली 'दिल पे जख्म खाते हैं... जान से गुजरते हैं' (Dil pe Zakhm Khaate Hain)।
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ये कव्वाली साल 1977 में आई और इस कव्वाली को नए अंदाज में धुरंधर 2 में पेश किया गया। हालांकि नए अंदाज में इसे फिल्म में लिया गया। फिल्म में इस कव्वाली को 'जान से गुजरते हैं' (Jaan Se Guzarte Hain ) के नाम से रिलीज किया गया। गाने को खान साब (Khan Saab) और शाश्वत सचदेव (Shashwat Sachdev) ने आवाज दी।
वहीं इस गाने के ओरिजिनल लिरिक्स खुद नुसरत फतेह अली खान ने ही लिखे और उन्हीं का इस्तेमाल इसके नए वर्जन में भी किया गया। हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि धुरंधर से पहले ये गाना तब्बू (Tabu) और सनी देओल पर फिल्माया जा चुका है।
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धुरंधर से पहले तब्बू पर फिल्माया गया गाना
अब आप सोच रहे होंगे कि नुसरत फतेह अली खान की जिस कव्वाली को आप धुरंधर 2 देखते वक्त सिनेमाघरों में सुनकर आए हैं, असल में क्या वो इसी सालों बाद इसी फिल्म में सुनाई दी है? इस सवाल का जवाब है नहीं। धुरंधर 2 से पहले ये कव्वाली 1996 में आई फिल्म जीत में सुनाई दी थी।
दरअसल फिल्म 'जीत' (Jeet) में इस कव्वाली को नए फ्लेवर के साथ पेश किया गया और गाने का नाम था 'दिल का क्या करे साहेब' (Dil Ka Kya Kare Saheb)। गाने में तब्बू पर ये गाना एक कोठे पर फिल्माया गया था, जहां तब्बू और सनी देओल (Sunny Deol) इसमें नजर आए थे।
गाने में तब्बू की अदाओं ने लोगों का दिल जीता था। वहीं गाने में तब्बू के साथ कई बैकग्राउंड डांसर्स भी दिखीं और सनी देओल का एंग्रीयंगमैन लुक भी खूब चर्चा में रहा।
खूब पॉपुलर हुआ था तब्बू का गाना
आपको बता दें कि फिल्म जीत में तब्बू पर फिल्माया गया ये गाना उस दौर में काफी पॉपुलर हुआ था। छोटे कस्बों में तो ये गाना आज भी बजता है और यहां तक कि फिल्म जीत और सनी देओल का जिक्र जब भी होता है तो अपने आप ये गाना याद आता है।
नुसरत फतेह अली खान (nusrat fateh ali khan) द्वारा गाई गई इस ओरिजिनल कव्वाली को तब्बू पर फिल्माए गए गाने में कविता कृष्णमूर्ति की आवाज सुनाई दी थी। फिल्म का संगीत नदीम-श्रवण ने तैयार किया था। वहीं इसके लिरिक्स समीर (Sameer) ने लिखे थे। सोशल मीडिया पर जबसे धुरंधर 2 के गाने की चर्चा हुई तबसे फैंस तब्बू के इस गाने का भी जिक्र कर रहे हैं और कह रहे हैं कि असल में नुसरत साहब की ये कव्वाली सालों पहले ही जीत फिल्म में सुनाई दी जा चुकी है।
अब सोशल मीडिया पर ये चर्चा तेज है कि आखिर नुसरत फतेह अली खान (nusrat fateh ali khan songs) की कव्वाली को आखिर किसने बेहतर तरीके से गाया और कौन सा गाया ज्यादा अच्छा है। हालांकि लोगों ने अपने अलग-अलग मत हैं पर हां दोनों ही गानों का अंदाज अलग है।
वहीं धुरंधर 2 (dhurandhar 2 songs) की बात करें तो फिल्म में क्लासिक गानों को रीक्रिएट किया गया और वो भी इस वक्त खूब चर्चा में बने हुए हैं।
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