एक गाने के लिए Asha Bhosle और Mohammed Rafi पर लगी थी 500 रुपये की शर्त, गाते-गाते हांफने लगी थीं गायिका
एक बार आशा भोसले और मोहम्मद रफी के ऊपर 500 रुपये की शर्त लगी थी कि दोनों में से कौन अच्छा गाएगा। यह गाना अब कल्ट बन चुका है। ...और पढ़ें

एक गाने के लिए आशा और रफी पर लगी थी शर्त। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको मालूम है कि एक बार मोहम्मद रफी की कॉम्पटीशन आशा भोसले थीं। दोनों पर 500-500 रुपये की शर्त लगी थी, वो भी एक गाने के लिए। इस गाने को गाते-गाते तो आशा भोसले (Asha Bhosle) की सांस ही फूल गई थीं। ड्राइवर को लगने लगा था कि सुरों की मल्लिका की तबीयत बिगड़ गई है।
जी हां, यह किस्सा 6 दशक पुराना है। आशा भोसले के पास एक गाने की पेशकश आई। इस गीत को गाने में कोई हर्ज नहीं था, बस दिक्कत एक लाइन को लेकर थी जो काफी मुश्किल था। आरडी बर्मन उर्फ पंचम दा और नासिर हुसैन ने 500-500 रुपये की शर्त लगाई कि आशा और रफी में से कौन अच्छा गाएगा।
60 साल पुराना सुपरहिट गाना
यह किस्सा 1966 में आई शम्मी कपूर की फिल्म तीसरी मंजिल से जुड़ा है। इस गाने का एक हिट गाना 'आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा' (Aaja Aaja Main Hoon Pyar Tera) को आशा भोसले और मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) ने गाया था। इस गाने के बोल मजरूह सुल्तानपुरी के थे, जबकि म्यूजिक आरडी बर्मन का था। यह गाना सुपरहिट हुआ था, लेकिन इस गाने के एक बोल ने आशा और मोहम्मद रफी के बीच कॉम्पटीशन ला दिया था।
गाते-गाते हांफने लगी थीं आशा भोसले
इंडियन आइडल के एक एपिसोड में आशा ने इस गाने से जुड़ा किस्सा शेयर किया था। उन्होंने बताया कि गाने की सबसे मुश्किल लाइन 'ओ आ आजा, आह आह' था। आशा भोसले ने बताया था कि यह गाना उनके लिए बहुत मुश्किल था। जब पंचम दा उनके लिए यह गाना लेकर आए तो उन्होंने चार-पांच दिन का वक्त मांगा।
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इस दौरान वह इसकी खूब प्रैक्टिस कर रही थीं। एक बार वह गाड़ी में यह गाना गा रही थीं और उनके ड्राइवर को लगा कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तब ड्राइवर ने उनसे कहा कि क्या वह उन्हें अस्पताल ले जाए। हालांकि, ऐसा नहीं था।
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रफी और आशा पर लगी थी शर्त
इसके बाद आशा भोसले ने बताया था कि इस गाने के लिए मोहम्मद रफी और उनके ऊपर शर्त लगाई गई थी। पंचम दा ने आशा पर शर्त लगाई थी, जबकि नासिर ने मोहम्मद रफी पर शर्त लगाई थी कि कौन अच्छा गाएगा। जब रिकॉर्डिंग का समय आया था, तब आशा काफी घबराई हुई थीं। उस वक्त लता मंगेशकर ने उन्हें मोटिवेट किया था।
आशा भोसले ने बताया था कि रिकॉर्डिंग के समय यह लाइन मोहम्मद रफी ने गले से गाया था, जबकि उन्होंने पेट से गाया था। सबको आशा का गाने का अंदाज पसंद आया और पंचम दा 500 रुपये की शर्त जीत गए थे।