Ohh My dog का पहले दिन का आ गया रिजल्ट, पंकज त्रिपाठी की मूवी बॉक्स ऑफिस की परीक्षा में हुई पास या फेल?
पंकज त्रिपाठी की फिल्म 'ओह माय डॉग' को समीक्षकों से तो बहुत ही अच्छा रिस्पांस मिला था, लेकिन अब फिल्म के पहले दिन के कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं। ...और पढ़ें

ओह माय डॉग फर्स्ट डे कलेक्शन/ फोटो- Instagram

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक्शन-क्राइम और सस्पेंस जैसी फिल्में लाना और इन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करना आम बात है, लेकिन इस शुक्रवार सिनेमाघरों में जो मूवी रिलीज हुई है, उसकी कहानी बेहद यूनिक है। 7 अगस्त को सिनेमाघरों में आई पंकज त्रिपाठी की फिल्म एक डॉग के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के निर्देशन की कमान 'ओह माय गॉड' के डायरेक्टर अमित राय ने संभाली है।
फिल्म को समीक्षकों से तो अच्छा रिस्पॉन्स मिला ही था और अब मूवी के पहले दिन का रिजल्ट भी सामने आ चुका है। शुक्रवार को मूवी बॉक्स ऑफिस की परीक्षा में पास हुई या फेल, नीचे पढ़ें पूरी डिटेल्स।
शुक्रवार को 'ओह माय डॉग' ने किया इतना बिजनेस
पंकज त्रिपाठी स्टारर फिल्म 'ओह माय डॉग' को बॉक्स ऑफिस पर स्लो ओपनिंग मिली है और फिल्म औसतन बिजनेस कर पाई है। सैकनिल्क डॉट कॉम के अर्ली आंकड़ों के मुताबिक, मूवी को कुल 844 शोज ही मिले हैं। जिसकी वजह से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अभी तक 85 लाख रुपये की नेट कमाई कर पाई है। वहीं, मूवी का ग्रॉस कलेक्शन 1.02 करोड़ रुपये तक पहुंचा है।
हालांकि, जिन्होंने भी यह फिल्म देखी, वे सिनेमाघरों से इमोशनल होकर ही बाहर आए। यह फिल्म का अर्ली कलेक्शन है, इसलिए हो सकता है कि मूवी के कलेक्शन में सुबह तक और बढ़ोतरी देखने को मिले।

क्या है 'ओह माय डॉग' की कहानी?
'ओह माय डॉग' मुख्य रूप से इंसान और कुत्ते के बीच के गहरे भावनात्मक रिश्ते और वफादारी के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानी है। यह मूवी एक मिस्ट्री ड्रामा है, जहां असम और बिहार की दो मिलती-जुलती कहानियां एक साथ चलती हैं। कहानी की शुरुआत एक पुलिस डॉग सेनापति की विदाई से होती है, जिसके दो बच्चे मोमो और ऑस्कर हैं। एक डॉग असम में अप्पू के पास होता है, जो लापता हो जाता है। वहीं, दूसरे डॉग ऑस्कर को बिहार में एक गरीब बच्चा पालता है।

एक दिन अचानक मोमो (कुत्ता) और प्रिंस (बिहार का लड़का) लापता हो जाते हैं। इसके बाद ऑस्कर (कुत्ता) और अप्पू (असम का लड़का) उन्हें ढूंढने के लिए निकलते हैं। इसी सफर में दोनों कहानियां आपस में जुड़ती हैं और वे एक बड़े व खतरनाक डॉग-ट्रैफिकिंग और अंग-तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हैं।