25 साल बाद TV पर लौटा Office Office का सीक्वल, 'मुसद्दी लाल' की बेटी बनी Shruti Sharma ने शेयर किया एक्सपीरियंस
Office Office Returns में श्रुति शर्मा लीड रोल निभा रही हैं। दैनिक जागरण से हुई उनकी खास बातचीत में एक्ट्रेस ने कई दिलचस्प बातें बताई। ...और पढ़ें
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ऑफिस ऑफिस रिटर्न्स में नजर आएंगी श्रुति शर्मा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई ब्यूरो। साल 2001 में प्रसारित शो ऑफिस ऑफिस (Office-Office) बहुत लोकप्रिय हुआ था। अब दूरदर्शन पर इसकी फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाते हुए एक नए अंदाज में शो आफिस आफिस रिटर्न्स के तौर पर दिखाया जा रहा है। इसमें अभिनेत्री श्रुति शर्मा मुख्य भूमिका निभा रही हैं। श्रुति से उनके शो और अभिनय सफर पर दीपेश पांडेय ने की बातचीत...
काफी नर्वस थी
ऑफिस-ऑफिस जैसे लोकप्रिय शो की फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने को लेकर श्रुति (Shruti Sharma) कहती हैं, सच बताऊं तो पहले मैं बहुत नर्वस थी। ड्रामा और थ्रिलर शोज के इस दौर में किसी आइकॉनिक शो को वापस लाना अपने आपमें बड़ी चुनौती है। ऑफिस ऑफिस (Office Office) की यादें आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं।
जब मैंने अपने परिवार से इस बारे में चर्चा की तो उनका यही कहना था कि इतनी बड़ी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना बहुत बड़ी बात है। मैं बचपन से यह शो देखती आई हूं। ऐसे में बड़े होकर जब उसी फ्रेंचाइजी को लीड करने का मौका मिले तो उससे बड़े सौभाग्य की बात क्या हो सकती है।
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तुलना का दबाव नहीं
मूल धारावाहिक से तुलना होने को लेकर श्रुति कहती हैं, मैंने यही सोचा कि मैं पूरी ईमानदारी से काम करूंगी, जिससे लोग उतने ही मन से हमारे शो का भी आनंद उठा सकें, जैसे वो पहले वाले शो का उठाते थे। अगर दोनों के बीच तुलना करेंगे भी तो उसका ज्यादा भार नहीं लूंगी, क्योंकि इतने बड़े कलाकारों से तुलना किया जाना भी एक उपलब्धि है।
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मेरी बहुत इच्छा थी कि शो में पुराने कलाकारों में से भी कुछ कलाकार हों। हालांकि, शो में कोई भी पुराने कलाकार नहीं दिखेंगे, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इसके सभी किरदारों को कहीं न कहीं पुराने किरदारों से जोड़ा गया है। शो में पुराने पांडे जी के जीजा हैं, भाटिया की भतीजी हैं, मैं स्वयं मुसद्दी लाल (पंकज कपूर) की बेटी अनोखी लाल मुसद्दी बनी हूं।
नया दौर नए मुद्दे
मूल ऑफिस ऑफिस में उस दौर के सरकारी कार्यालयों में आम इंसान की समस्याओं को व्यंग्यात्मक तरीके से दिखाया जाता था। इस शो के बारे में श्रुति कहती हैं, अच्छी बात यह है कि हम शो में आज के जमाने की समस्याएं और परिस्थितियों को दिखा रहे हैं। हम सिर्फ लोगों को हंसाने की नहीं, बल्कि उनको जागरूक करने की भी कोशिश कर रहे हैं।
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आज के दौर में भले ही सरकार ने आम इंसान के लिए बहुत सारी सुविधाएं दी हों, लेकिन उनके प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। मूल शो में मुसद्दी लाल कई बार हार मान लेता था, लेकिन इस बार अनोखी हर एपिसोड के अंत में समस्या का समाधान भी देती है।
डिजिटल पर मिला आराम
हीरामंडी तथा मिट्टी: एक नई पहचान जैसी वेब सीरीज कर चुकीं श्रुति डिजिटल प्लेटफार्म के अनुभवों पर कहती हैं, टीवी मेरे लिए हमेशा से ही एक सीखने का माध्यम रहा है, क्योंकि यहां बहुत सारी चीजें त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए करनी पड़ती हैं। बहुत कम समय में बहुत कुछ शूट करना होता है। फिर जब मैं वेब सीरीज में काम करने लगी तो मुझे थोड़ा आराम से काम करने की आदत हो गई,
क्योंकि वहां तैयारी के लिए काफी समय मिल जाता है।
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मैंने टीवी में जो भी सीखा वेब सीरीज में उन चीजों का आराम से इस्तेमाल किया। इस धारावाहिक के
अलावा मैं कुछ और प्रोजेक्ट्स भी कर रही हूं। जिनमें एक फिल्म है और एक वेब सीरीज। इनमें से एक इसी साल रिलीज होगी।
हिम्मत से बदली जिंदगी
श्रुति का मानना है कि उनके अंदर हार न मानने वाली विशेषता ही उन्हें इस पड़ाव तक ले आई है। वह कहती हैं, मेरा निर्भीक होना ही मुझे लखनऊ से मुंबई लेकर आया। अगर मैं उस दिन सही कदम नहीं उठाती तो आज शायद लखनऊ में ही कोई टीचर होती या डांस सिखा रही होती। कुछ अलग करने के लिए लड़कियों में खूब आत्मविश्वास होना बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। मैंने अपने पिता से कभीइस बारे में स्पष्ट बात नहीं की थी कि मुझे मुंबई जाकर एक्टिंग करना है।
पहले मैंने नौकरी करके पैसे जमा किए। फिर मैंने घरवालों को बताया कि अब पैसे जमा हो गए हैं और मैं मुंबई जा रही हूं। यह उनके लिए बहुत चौंकाने वाली बात थी। भगवान की कृपा से मुझे मां और भाई का हमेशा सपोर्ट मिला है। उन्हीं के कारण मुझे घर से वह मौका दिया गया कि अच्छा जाओ, वहां भी अपनी किस्मत आजमा लो। हर लड़की के अंदर अपने सपने सच करने के लिए हिम्मत और आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है।