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    'देश की छवि खराब होती है', जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को गाली देने वालों पर फूटा पूर्व भारतीय कप्तान का गुस्सा

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 09:06 PM (IST)

    नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर पूर्व फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया ने नाराजगी जताई है। ...और पढ़ें

    नरेंद्र मोदी

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कई तरह के विवाद सामने आए हैं। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। पीएम मोदी ने बाद में इन छात्रों को माफ कर दिया था। अब इसी को लेकर भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने प्रतिक्रिया दी है।

    उनका मानना है कि सभी को अपनी बात रखने का और प्रदर्शन करने का हक है। हालांकि, इस तरह की गलत भाषा का उयोगग नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि इससे देश की भी छवि खराब होती है। बता दें कि जंतर-मंतर से कई वीडियो सामने आए, जिसमें छात्र पीएम मोदी को गालियां देते हुए दिखाई दिए।

    पूर्व भारतीय कप्तान बाईचुंग भूटिया ने दी प्रतिक्रिया

    बाईचुंग भूटिया ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "देश के किसी भी कोने में किसी भी मुद्दे पर लोग विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। वे अपनी राय जाहिर कर सकते हैं। अनुचित या अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल, खासकर प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर, व्यक्ति, समाज और देश की छवि खराब करता है। उन्होंने जोर दिया कि विरोध करते समय भी भाषा का सम्मान रखना चाहिए।

    बाईचुंग ने बताया कि वे प्रधानमंत्री और सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। उनका मकसद युवाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें ज्यादा से ज्यादा मौके उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि खेल के जरिए युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें, इसके लिए सरकार के साथ सहयोग का इरादा रखते हैं।

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    मनु भाकर ने भी की थी आलोचना

    ओलंपिक पदक विजेता शूटिंग खिलाड़ी मनु भाकर ने भी इस घटना पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि गंदी भाषा का इस्तेमाल कूल या अच्छा नहीं लगता। किसी व्यक्ति के शब्द उसके चरित्र को दर्शाते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भी दिया था संदेश

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ गुमराह युवाओं ने बेहद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां तक को गाली दी। प्रधानमंत्री ने कहा, "वे इन युवाओं को सजा नहीं दिलवाना चाहते। बचपन और जवानी में गलतियां हो जाती हैं। युवावस्था में गलतियों से सीखने का मौका भी मिलता है। यही युवा होने का मतलब है।"

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