FIFA World Cup 2026: जानलेवा चोट से उबरे जिमेनेज बने मेक्सिको के नायक, 2020 में खोपड़ी में हुआ था फ्रैक्चर
मेक्सिको के स्टार स्ट्राइकर राउल जिमेनेज पिछले दो विश्व कप में गोल नहीं कर पाए थे। उन्हें इस बीच खोपड़ी में फ्रैक्चर के करण जिंदगी और मौत से जूझना पड़ ...और पढ़ें

राउल जिमेनेज
मेक्सिको सिटी, एपी। मेक्सिको के स्टार स्ट्राइकर राउल जिमेनेज पिछले दो विश्व कप में गोल नहीं कर पाए थे। उन्हें इस बीच खोपड़ी में फ्रैक्चर के करण जिंदगी और मौत से जूझना पड़ा था, लेकिन इस 35 वर्षीय स्ट्राइकर ने हार नहीं मानी और आखिर वह घड़ी आ गई जिसका उन्हें वर्षों से इंतजार था।
गुरुवार रात मेक्सिको सिटी के सबसे बड़े स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में जिमेनेज ने दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध दूसरा गोल दागा और इसके बाद वह अपनी भावनाओं को काबू नहीं रख पाए और रो पड़े।
जिमेनेज के गोल के दम पर मेक्सिको ने यह मुकाबला 2-0 से जीता। जिमेनेज का यह मैक्सिको के लिए 46वां लेकिन तीन विश्व कप में पहला गोल था। जिमेनेज इस गोल से मैक्सिको की तरफ से सर्वाधिक गोल करने के मामले में जारेड बोर्गेटी के साथ दूसरे स्थान पर आ गए हैं। वह शीर्ष पर काबिज जेवियर हर्नांडेज से पीछे हैं। राउल का ये गोल इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि साल 2020 में इंग्लैंड के क्लब वुल्वरहैम्पटन के लिए खेलते हुए उनके सर में जानलेवा चोट लग गई थी।
29 नवंबर 2020 को एक मैच के दौरान साथी खिलाड़ी से टक्कर के बाद उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया था। इस चोट के बाद राउल को जीवनरक्षक सर्जरी से गुजरना पड़ा था। उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में कई महीने लगे और इसी चोट के चलते वह सर पर चोट से बचाव के लिए विशेष हेडगियर पहनते हैं।
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मुकाबले की बात करें तो मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को खेल के हर मायने में पछाड़ा। उन्होंने मैच के पहले मिनट से हमलावर रुख अपनाया और दक्षिण अफ्रीकी टीम उनकी तेजी के आगे संघर्ष करती दिखी। पहले पांच मिनट में ही मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को बता दिया था कि ये रात आसान नहीं होने वाली। मैच के नौवें मिनट में ही जूलियन क्विनेस ने मैच और विश्व कप दोनों का पहला गोल कर दिया।
दक्षिण अफ्रीका के रक्षक आपस में पास करते वक्त थोड़ी ढिलाई दिखा बैठे जिसका फायदा उठाते हुए मेक्सिको के लीरा ने गेंद क्विनेस की ओर सरका दी। क्विनेस ने मौके का पूरा फायदा उठाया और गेंद को साउथ अफ्रीका के गोलकीपर के पैरों से बीच से गोल में डाल दिया। ये गोल होते ही दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम ने आसमान सर पर उठा लिया। मैच के 66वें मिनट में सीनियर स्ट्राइकर राउल जिमिनेज ने हैडर के जरिए टीम का दूसरा गोल दागा। यह मेक्सिको के लिए उनका 46वां और विश्व कप का पहला गोल था।
पहले ही मैच में बना रेड कार्ड का रिकॉर्ड
मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले में ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की एक अनोखी घटना देखने को मिली। इस मैच में तीन खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाया गया। यह भले ही विश्व कप का रिकॉर्ड नहीं है लेकिन यह उद्घाटन मैच में लाल कार्ड का नया रिकॉर्ड है।
विश्व कप के किसी मैच में सर्वाधिक रेड कार्ड दिखाए जाने के रिकार्ड में यह मैच दूसरे स्थान पर है। पुर्तगाल और नीदरलैंड्स के बीच 2006 में जर्मनी में खेले गए विश्व कप के मैच में चार रेड कार्ड दिखाए गए थे। यह घटना इसलिए भी अनोखी है क्योंकि कतर में 2022 में खेले गए पिछले विश्व कप में पूरे टूर्नामेंट में केवल चार लाल कार्ड दिखाए गए थे।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी स्फेफेलो सिथोले और थेम्बा जवाने को रेड कार्ड दिखाया गया, जिसके चलते टीम को नौ खिलाड़ियों के साथ ही मैच समाप्त करना पड़ा। इसके बाद मैक्सिको के डिफेंडर सेसार मोंटेस को भी इंजरी टाइम में लाल कार्ड मिला। तीनों खिलाड़ियों को सीधे रेड कार्ड दिखाए गए, जिसका मतलब है कि बाहर किए गए किसी भी खिलाड़ी को दो पीले कार्ड नहीं दिए गए।
नंबर गेम
3 रेड कार्ड इस मैच में दिए गए, यह फीफा विश्व कप के किसी भी शुरुआती मैच में दिए गए सबसे ज्यादा रेड कार्ड हैं। साथ ही यह 2006 के ऐतिहासिक नीदरलैंड्स बनाम पुर्तगाल मैच के बाद किसी एक विश्व कप गेम में दिए गए सबसे ज्यादा रेड कार्ड भी हैं। इस मैच में चार रेड कार्ड दिए गए थे।